3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan: ऐसे होगा डीएपी व यूरिया उर्वरक का विक्रय, गडबड़ी मिली तो लाइसेंस होगा निरस्त

Agriculture News: इस कारण विभाग समय से पहले ही सतर्क हो चुका है। इसके लिए प्रत्येक किसान को अधिकतम 10 बैग या इससे कम अथवा उपलब्धता के अनुरूप डीएपी व यूरिया उर्वरक का विक्रय किया जाए।

2 min read
Google source verification

रबी सीजन में डीएपी और यूरिया उर्वरक की मांग एवं आपूर्ति के गणित को देखते हुए कृषि विभाग ने यूरिया व डीएपी उर्वरक का वितरण व्यवस्था परमिट सिस्टम से करने का निर्णय किया है। कृषि विभाग ने इसके लिए समस्त थोक व खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को पाबंद किया है कि डीएपी व यूरिया उर्वरक का विलय जिले एवं कार्यक्षेत्र से बाहर वितरण किसी भी हालत में नहीं किया जाए। जिले में रबी में सरसों, चना, धनिया, मसूर व गेंहू की रिकॉर्ड बुवाई होती है तथा डीएपी और यूरिया की आपूर्ति मांग की तुलना में कम हो रही है।

इस कारण विभाग समय से पहले ही सतर्क हो चुका है। इसके लिए प्रत्येक किसान को अधिकतम 10 बैग या इससे कम अथवा उपलब्धता के अनुरूप डीएपी व यूरिया उर्वरक का विक्रय किया जाए। उर्वरक विक्रेताओं की ओर से जिन किसानों को डीएपी या यूरिया की उर्वरक विक्रय किया जा रहा है। उनके आधार कार्ड की छाया प्रति एवं किसान होने संबंधी दस्तावेज (जमाबंदी, पासबुक) आदि हस्ताक्षरित छायाप्रति प्राप्त कर रिकॉर्ड संधारित किया जाए। डीएपी व यूरिया उर्वरक विक्रय किए जाने के उपरांत उसी समय संबंधित किसान को पता बिल उपलब्ध करवाते हुए बिल पर किसान का नाम,पूर्ण पता मय मोबाइल नंबर के साथ-साथ उर्वरक का नाम एवं बैच नंबर का अंकन करना सुनिश्चित किया जाए ताकि वितरण का भौतिक सत्यापन करवाया जा सकें। सहायक निदेशक राजेश विजय ने बताया कि इस बार विभाग के द्वारा डीएपी, यूरिया की कालाबाजारी रोकने को लेकर चैक पोस्ट बनाई जाएगी। इन चैक पोस्ट का उद्वदेश्य है कि बॉर्डर एरिया से डीएपी, यूरिया का विक्रय जिले व राज्य से बाहर होने से रोकने के लिए किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : IMD Latest Update: अगले 48 घंटे में इन 6 जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ होगी बारिश, IMD का Yellow Alert जारी

इनका कहना है

रबी का बुवाई सीजन शुरू होने वाला है। इसको देखते हुए किसानों को डीएपी और यूरिया उर्वरक के लिए परेशानी नहीं हो। इसके लिए परमिट सिस्टम पर किसानों को उर्वरक का वितरण करवाया जाएगा व एक किसान को 10 बैग दिया जाएगा व अगर खाद्य कि कमी होने पर कम भी दिया जाएगा।

अतिश कुमार शर्मा, सहायक निदेशक कषि विस्तार

यह भी पढ़ें : Mandi News: हाड़ौती में अव्वल ये मंडी साढ़े चार लाख क्विंटल लहसुन से भरी, इस साल बढ़ा कारोबार

गडबड़ी मिली तो लाइसेंस निरस्त होगा

कृषि अधिकारी ने बताया कि डीएपी व यूरिया का दुकानदार को पीओएस मशीन में प्रतिदन वास्तवितक स्टॉक संधारण किया जाना आवश्यक है। साथ ही यदि किसी उर्वरक विक्रेता की ओर से जिले से बाहर डीएपी व यूरिया का विक्रय किया गया अथवा उपरोक्त निर्देशों की पालना नहीं करने पर लांइसेस निलंबिन या निरस्त कर दिया जाएगा।