
हर वर्ष लाखों की संख्या में पौधे लगाए जा रहे हैं। फिर भी जिले में हरियाली का क्षेत्रफल घट रहा है। अब पौधारोपण का तरीका बदला जा रहा है। अब जापान की मियावाकी पद्धति के आधार पर पौधारोपण किया जाएगा। इस साल करीब 14 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। इसकी जिला परिषद ने तैयारी शुरू कर दी। जिला परिषद ने सभी विभागें को लक्ष्य दे दिया। पौधे वन विभाग व पंचायत समितियों की नर्सरी में तैयार पौधे काम में लिए जाएंगे।
जिला परिषद के सीईओ ने बताया कि मियावाकी पद्धति जापानी वनीकरण विधि है।
इसमें पौधों को कम दूरी पर लगाया जाता है। पौधे सूर्य का प्रकाश प्राप्त कर वृद्धि करते हैं। पौधों के तीन प्रजातियों की सूची तैयार की जाती है। ऊंचाई पेड़ बनने पर अलग-अलग होती है। जैसे कि एक पेड़ खजूर का लगाया जाएगा, तो दूसरा नीम,शीशम आदि का होगा। तीसरा पौधा किसी भी तरह की फुलवारी का हो सकता है। इसमें खास बात यह है कि एक पेड़ ऊंचाई वाला तथा दूसरा कम ऊंचाई वाला तथा तीसरा घनी छायादार पौधा चुना जाता है। इन तीनों पौधों को थोड़े-थोड़े दिन के अंतराल पर लगाया जाता है।
यहां लगेंगे पौधे-
एक जुलाई से पौधारोपण अभियान की शुरूआत होगी। पौधे पंचायत परिसर, स्कूल भवन, स्कूल मैदान, सार्वजनिक स्थान, एनजीओ व पेशनर्स समाज द्वारा विकसित की जा रही भूमि तथा चारागाह में पौधे लगाए जाएंगे। पौधारोपण के बाद जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। जिले में अभियान में 98 एनजीओ को भी शामिल किया गया है। नियमित होगी मॉनिटरिंग- जिला प्रशासन की ओर से इस बार पौधारोपण अभियान के बाद नियमित रूप से हर माह मॉनिटरिंग की जाएगी। पौधो की बढ़वार के आधार पर उनकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। पौधों की सर्वाइव दर क्या रही, कितने पौधे लगे आदि की जानकारी भी रखी जाएगी।
ये संस्थाएं आई आगे-
जिले में बड़े स्तर पर किए जा रहे पौधारोपण अभियान में पौधे जिला प्रशासन की ओर से लगाए जाएंगे। इसमें पौधों की सुरक्षा की गारंट के लिए कई संस्थाएं आगे आई है। जिसमें भारत विकास परिषद व इनरव्हील क्लब ने पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड बनवाकर लगाने का वादा किया है। वहीं पुलिस टै्रनिंग सेंटर के माध्यम से भी प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी को पांच-पांच से अधिक पौधे लगाएंगे। वहीं जब तक वो यहां ट्रैनिंग करेंगे अपने-अपने पौधों को बड़े करने की जिम्मेदारी लेंगे।
साढ़े 14 लाख का लक्ष्य-
-8 लाख शिक्षा विभाग
- 4.55 लाख वन विभाग
- 1.50 लाख पंचायत राज विभाग
-50 हजार नगर पालिकाएं
वन विभाग ने इतने पौधे तैयार किए
नर्सरी पौधे
झालावाड़ 83000
झालावाड़ 45000
मिश्रोली 35000
अकलेरा 65000
डग 62000
मनोहरथाना 40000
बकानी 25000
रटलाई 20000
पिड़ावा 80000
असनावर 100000
खानपुर 100000
कुल 65000
14 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य-
पौधारोपण में आमजन का भी सहयोग बहुत अपेक्षित है। जनता पौधे लगाने के बाद तीन साल तक उसकी देखरेख करें। पौधे के लिए गड्ढे, खाद की व्यवस्था हम कर रहे हैं, जनता भी इसमें सहयोग करें तो अधिकाधिक पौधे जीवित रह पाएंगे। इस बार जिले में साढ़े 14 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। उनकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
शंभु दयाल मीणा, सीईओ, जिला परिषद, झालावाड़।
Updated on:
01 Jul 2024 09:37 pm
Published on:
01 Jul 2024 09:36 pm
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