ज्योतिषाचार्य पंडित बालकृष्ण दुबे ने बताया कि इस दिन पार्वती स्वरूप तीज माता की पूजा-अर्चना और आराधना की जाती है, ये तीज गौरी का पर्व है, ऐसे में माता गौरी की पूजा-अर्चना करना श्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन महिलाएं मेहंदी लगाती है। वहीं नवविवाहिताओं के पीहर से सिंजारा आता है, जिसमें घेवर के साथ कपड़े और सुहाग की वस्तुएं आती है। वहीं जिन युवतियों की सगाई हो चुकी, उनके ससुराल से सिंजारा आता है। श्रावणी तीज के नाम से भी जाना जाता है। यह सावन मास का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। महिलाएं इस दिन का पूरे वर्ष इंतजार करती हैं। हरियाली तीज सौंदर्य और प्रेम का पर्व है। इस दिन हरे रंग का विशेष महत्व होता है। इस दिन हरी साड़ी व चूड़ियां भी पहनने का प्रचलन है।