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झालावाड़

हे म्हारा राम जी,यो कांई हो ग्यो, आका साल की मेहनत पर पानी फेर द्यो रे.

- सुबह खेत देखते ही किसानों की फूट पड़ी रूलाई

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झालावाड़.जिले में बुधवार का दिन किसानों के लिए दर्द भरा रहा। गुरूवार जब सुबह नींद खुली तो किसानों से फसलों की ताबाही देखी नहीं गई। किसानों की खेतों में ही रूलाई फूट पड़ी,जी हां। बुधवार रात को जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में हुई बारिश व वोलावृष्टि से फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई है। जिले के चौमहला,डग व अकलेरा क्षेत्र के कुछ गांवों में तो किसानों की पूरी फसले बर्बाद हो गई है। चौमहला क्षेत्र में कुछ किसानों के पास तो खाने के दाने भी नहीं बचे हंै। ऐसे में अब धरतीपुत्रों को और ज्यादा परेशानी का सामना करना होगा है, पहलेे किसानों की फसले तेज सर्दी में खराब हो गई,अब शेष बची ओलावृष्टि से। इतना ही नहीं चौमहला क्षेत्र में कई गांवों में घरों के कवेलू तक टूट गए है, तो जिले में कई स्थानों पर विद्युत तार टूटने से जानवरों की भी मौते हुई है, जहां भी ओलावृष्टि हुई वहां तबाही का मंजर साफ नजर आ रहा है। कहीं पक्षियों की जान गई है।


सड़कों पर उतरे धरतीपुत्र-
जिले में विभिन्न गांवों में हुए खराबे को लेकर चौमहला क्षेत्र के किसानों ने अधिकारियों के सामने खराब फसल हाथों में लेकर प्रदर्शन कर रोड जाम किए है। किसान मुआवजे की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन करते नजर आए। कई किसानों ने बताया कि उनकी गेहूं, धनियां, अफीम की फसलों में काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में उन्हें खराबे का आंकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की व्यवस्था की जाए।


सड़कों पर बिछ गए ओले-
जिले में डग व चौमहला व अकलेरा, डग क्षेत्र में हुई बारिश के दौरान ओलावृष्टि इस तरह से हुई की धरतीपर ओले की चाद्दर बिछ गई। तो अकलेरा के बिन्दायका गांव में भी ओले से नुकसान हुआ है।


संतरे में हुआ नुकसान-
जिले में 12 हजार हैक्टेयर में इस साल फलाव है, ऐसे में संतरे की फसलों में भी काफी नुकसान हुआ है। ओले की मार जिस संतरे पर पड़ी है, वह तो पूरी तरह से खराब हो चुका है, तो कई संतरे नीचे भी गिर चुके है। संतरे में 40 फीसदी नुकसान हुआ है।


अफीम तो बिलकुल हो गईनष्ट-
डग और चौमहला क्षेत्र में अफीम पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। ओले की मार से अफीम के पूरे पेड़ नीचे गिर चुके है, पेड़ पर पत्ते और डोडे कहीं पर नजर नहीं आ रहे है, पूरी तरह से अफीम जमींदोज हो चुकी है। डग के किसान भगवानसिंह ने बताया कि अफीम की फसल पूरी तरह से खराब हो चुकी है। ऐसे में जो मेहनत अफीम में की है, वह बेकार ही गई है। अब सरकार से हमारी तो एक ही मांग है कि सरकार को अफीम का मुआवजा देना चाहिए। तो डग क्षेत्र के गांव गणेशपुरा की सीताबाई खेत को देखकर बोली हे राम , आका साल की मेहनत पर ही पानी फेर द्दयो रहे… इतना ही नहीं डग क्षेत्र में ओलावृष्टि का ऐसा मंजर था इसमें कई पक्षी भी मारे गए है।


धनिया भी खराब-
जिले में कई स्थानों पर धनिया कट चुका था तो कई खेतो में खड़ा था, ऐसे में डग,चौमहला,अकलेरा, रायपुर, असनावर, मनोहरथाना,पिड़ावा, सुनेल, खानपुर आदि क्षेत्रों में धनिया में 60 फीसदी से ज्यादा नुकसान किसानों ने बताया है, तो गेहूं, सरसों, चने, मैथी आदि फसलों में भी नुकसान बताया गया है। गेहूं व मैथी पूरी तरह से आड़ी पडऩे से नुकसान हुआ है।
सर्वे के निर्देश-
जिला कलक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग के उपनिदेशक अतिश कुमार शर्मा व तहसीलदारों को किसानों के खेतों में मौके पर जाकर खराबे का सर्वे करने के निर्देश दिए गए है। सभी कर्मचारी व अधिकारी कल तक खराबे की रिपोर्ट सौंपेगे इसके बाद मुआवजे के लिए आगे भेजा जाएगा।


दे दिए निर्देश-
जिले में बुधवार को हुई ओलावृष्टि के बारे में कृषि व राजस्व विभाग के अधिकारियों को सर्वे कराने के निर्देश दिए गए है। कल तक रिपोर्ट आ आएगी,सर्वे के आधार पर मुआवजा देना तय होगा।
सिद्धार्थ सिहाग, जिला कलक्टर, झालावाड़।