
बजरी का कारोबार
झालावाड़
पिड़ावा कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में रात दिन धड़ल्ले से अवैध बनास रेत व बजरी का कारोबार जोरों शोरों से अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है । कस्बे के बाहरी इलाकों में दिन रात बड़े-बड़े ट्रोले खाली हो रहे हैं । जिनको ट्रैक्टर ट्रॉली के माध्यम से खाली होने के स्थान पर ले जाया जा रहा है । वर्तमान समय में बनास नदी बजरी का जितना उपयोग सरकारी कामों में हो रहा है उतना निजी कार्यों में नहीं हो रहा है । कस्बे सहित क्षेत्र में कई जगहों पर सरकारी भवन स्कूलों कॉलेजों आदि के काम तेज गति से चल रहे हैं । बड़ा सवाल यह है कि जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनास रेती व अवैध बजरी पर रोक लगा है तो सरकारी काम में गुपचुप तरीके से इसका उपयोग क्यों किया जा रहा है ।
सरकारी कार्यों में काम में ले रहे प्रतिबंधित बनास रेत
नगर में उपखंड अधिकारी कार्यालय होने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाकर अवहेलना की जा रही है। अधिकारियों की मिलीभगत से सरेआम सरकारी कार्यों में अवैध बनास रेत का उपयोग किया जा रहा है। शनिवार को 56 दरवाजा बाईपास पर एक बड़े ट्रोले से राजकीय आदर्श बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में 14 कमरों का निर्माण कर रहे ठेकेदार मेसर्स होकम गोड़ ने अवैध बनास रेत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मौके पर खाली करवाया। यही नहीं उस ट्रोले ने अन्य जगहों पर भी बनास रेत खाली की । वहीं कई व्यापारियो ने बनास रेत की कीमतों को आसमान छूता देख इसका स्टॉक किए हुए हैं।
पुलिस बनी रही मूकदर्शक
इसकी सूचना उपखंड अधिकारी राकेश कुमार मीणा को दी गयी तो उन्होंने बताया कि इसकी सूचना थाने में दो। इसके बाद सी आई रामभरोसी मीणा से बात की उन्होंने बताया कि में रामगंजमंडी पेशी हुं मामला दिखवाते हैं। लेकिन किसी भी अधिकारी द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की गयी। वही किसी कारण से निर्माणधीन बालिका विद्यालय भवन के बाहर ही गश्त दे रहे पुलिसकर्मियों द्वारा भी कोई कार्यवाही नहीं की गई। उनके सामने ही धड़ल्ले से रेत के ट्रेक्टर आते रहे। लेकिन उनको रोका नही गया।
Updated on:
01 Jul 2018 12:17 am
Published on:
01 Jul 2018 12:17 am
