
झालावाड़.जिले केमेडिकल कॉलेज का न्यूरोसर्जरी विभाग जटिल ऑपरेशन कर लोगों की जान बचाने में कारगर साबित हो रहा है। मरीजों को जटिल ऑपरेशन के लिए अब बड़े महानगरों जाने की बजाए स्थानीय मेडिकल कॉलेज में ही इलाज मुहैया हो रहा है।एसआरजी के न्यूरोसर्जरी विभाग में अब तक कई जटिल ऑपरेशन किए गए है। लेकिन एक सप्ताह में दो मरीजों का दुर्घटना में घायल अवस्था में अस्पताल लाए गए जिनके ऑपरेशन बहुत ही जटिल थे। लेकिन उनके ऑपरेशन सफल रहे। मरीजों की एसआरजी में जाँच करने पर पाया गया की उनकी गर्दन की हड्डी टूट के अलग हो ग गई है। जिससे उनको गर्दन मे दर्द तथा गर्दन को मोडने मे तकलीफ हो रही थी। न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राम सेवक योगी ने बताया कि एसआरजी अस्पलाल की न्यूरोसर्जरी टीम ने जटिल ऑपरेशन कर दोनों मरीजो की जान बचाते हुए चलने-फिरने लाइक बनाया है। डॉ.योगी का कहना है इस तरह की सर्जरी बहुत जटिल होती, ये बडे महानगरो में ही सम्भव थी, लेकिन अब सीमित संसाधनों में झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में भी संभव है।
सर्जरी बहुत जटिल
इस तरह की सर्जरी बहुत जटिल होती है,क्योकी जहां से स्क्रू डालने होते है वहांं 1 सेन्टीमीटर से कम जगह होती है और दिमाग में खून के जाने वाली नस तथा दिमाग से आने वाली स्पाइनल कार्ड के 3.5 मीलीमीटर के बीच में स्क्रू डालने पडते है। अगर 1 मिलीमीटर इधर-अधर होता तो मरीज की ओपरेशन के दौरान जान जा सकती या हमेशा के लिए चारों हाथ पैर काम करना बन्द कर सकते ।
केस एक-
पिड़ावा क्षेत्र के नन्दलाल(37) को टेक्ट्रर चलाते समय गर्दन में चोट आई। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि उसकी रीढ़ की हड्डी में सर्वाइकल वर्टिब्रा टूट गई है। जिसकी वजह से मरीज की गर्दन में दर्द तथा दोनों हाथो और पैरो में कमजोरी थी। इस स्थिति में तुरंत सर्जरी की आवश्यकता थी,12 सितम्बर को सर्जरी कर ससर्वाइकल एक व दो में स्कू्र लगाकर रोड की मदद से रीढ़ की हड्डी को जोड़ा गया। जिसके बाद नन्दलाल अपने पैरो पर चल सकता है।
केस दो-
मरीज महेन्द्र सिंह(28) निवासी सोहन खेडी, झालरापाटन जो कि 19 अगस्त को गांधीसागर सेंचुरी में घूमने गया था और वहां सड़क दुघटना में घायल हो, जिसका जबड़े का ऑपरेशन हो गया, लेकिन गर्दन घुमाने में बहुत दर्द होता था, इसके लिए उसे न्यूरोसर्जरी विभाग में दिखायाद्ध जांच करने पर गर्दन की सर्वाइकल वर्टिब्रा का फैक्चर है। भर्ती करके 19 सिंबर को रोड की मदद से रीढ़ की हड्डी को जोड़ा गया।
ये रहे टीम में शामिल-
एसआरजी चिकित्सालय की ऑपरेशन टीम में डॉ. आशीष साहू, डॉ रामावतार, डा.ॅ राजन नंदा ;अनेस्थीया विभाग, डॉ संजीव, डॉ सुधीरव सहयोगी स्टाफ कमलेश, रोहित, नरेश शामिल रहे।
Published on:
23 Sept 2024 11:12 am
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