
झालावाड़ जिले में बारिश। फोटो पत्रिका
भवानीमंडी (झालावाड़)। अचानक बदले मौसम ने गुरुवार शाम क्षेत्र में तबाही मचा दी। तेज आंधी, बारिश और चने के आकार के ओलों के साथ आए तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज हवा के कारण नगर में एक दर्जन से अधिक पेड़ और उनकी बड़ी टहनियां गिर गईं, जिससे बिजली के तार टूटकर सड़कों पर आ गिरे।
कुछ ही मिनटों में मौसम ने ऐसा करवट बदला कि सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। तेज हवा के चलते कई स्थानों पर बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए। पेड़ों की टहनियां पोलों और तारों पर गिरने से पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। कई इलाकों में घंटों तक बिजली गुल रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बिजली के तार टूटकर सड़कों पर गिरने से हादसे का खतरा बना रहा और लोग उनसे बचते हुए दिखाई दिए। सूचना मिलते ही विद्युत विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और गिरे पेड़ों को हटाकर आपूर्ति बहाल करने का काम शुरू किया, जो देर रात तक जारी रहा।
गुरुवार शाम करीब सवा चार बजे तेज धूप के बीच अचानक मौसम बदला और करीब 20 मिनट की बारिश ने नगर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। नालियों का पानी सड़कों पर बह निकला और गल्र्स स्कूल मार्ग पर कीचड़ फैल गया। बस स्टैंड मार्ग, रामनगर, सिंधी मोहल्ला और पचपहाड़ क्षेत्र में पेड़ गिरने और टहनियां टूटने की घटनाएं सामने आईं। कृषि उपज मंडी में खुले में रखा गेहूं बारिश से भीग गया, जिससे किसानों को नुकसान हुआ।
सुनेल कस्बे में गुरुवार दोपहर बाद मौसम बदला और तेज हवा के साथ करीब एक घंटे तक लगातार बारिश हुई। वहीं इस दौरान लगभग 15 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। अचानक बदले मौसम में जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत दिलाई, वहीं दूसरी ओर जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया।
तेज आंधी के साथ आई बारिश से कस्बे की प्रमुख सडक़ों पर पानी भर गया। अचानक आई इस तेज आंधी-बारिश का सबसे ज्यादा असर क्षेत्र में चल रहे विवाह समारोहों पर पड़ा। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर टेंट उखड़ गए और सजावट का सामान अस्त-व्यस्त हो गया। मेहमानों को बारिश और ओलों से बचने के लिए इधर-उधर शरण लेनी पड़ी। कई आयोजनों में भोजन व्यवस्था भी प्रभावित हुई, जिससे आयोजकों को परेशानी झेलनी पड़ी।
Published on:
30 Apr 2026 07:02 pm
बड़ी खबरें
View Allझालावाड़
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
