
झालावाड़ स्कूल हादसा। फाइल फोटो- पत्रिका
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने झालावाड़ जिले के पीपलोदी गांव की राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की छत गिरने की घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव, जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक झालावाड़ को शनिवार को नोटिस जारी कर तीन दिन में पूरे मामले की जांच एवं प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
आयोग ने प्रेस तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित समाचार, जिसमें राजस्थान के झालावाड़ जिले के मनोहरथाना ब्लॉक के पिपलोदी सरकारी स्कूल के भवन का एक हिस्सा गिरने से सात बच्चों की मृत्यु होने एवं नौ बच्चों के गंभीर रूप से घायल होने तथा कई बच्चों के मलबे में दबकर घायल होने से संबंधित समाचार का स्वतः संज्ञान लिया है।
इसमें कई बच्चे कथित रूप से अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के हैं। आयोग ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है और इस संबंध में नोटिस जारी कर तीन दिन में पूरे मामले की जांच एवं प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
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गौरतलब है कि जिस विद्यालय में यह हादसा हुआ वह जिले की जर्जर स्कूलों की सूची में शामिल नहीं था। जबकि पानी टपकने के कारण स्कूल के दो कमरों की पहले ही तालाबंदी की जा चुकी थी। दो साल पहले वर्ष 2023 में इस छत की मरम्मत भी की गई थी। इसके बावजूद हादसे ने गरीब बच्चों की जान ले ली। झालावाड़ के जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक ने हादसे के बाद स्कूल में तैनात शिक्षक मीना गर्ग, जावेद अहमद, रामविलास लववंशी, कन्हैयालाल सुमन और बद्रीलाल लोधा को निलम्बित कर दिया।
Updated on:
26 Jul 2025 05:24 pm
Published on:
26 Jul 2025 04:52 pm
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