
स्कूल हादसे के बाद बिलखते परिजन, सीएम, पूर्व सीएम और शिक्षा मंत्री के आए बयान, फोटो - पत्रिका
Jhalawar school building collapse update: झालावाड़ जिले के मनोहरथाना ब्लॉक के पीपलोदी गांव में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की जर्जर छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के वक्त 7वीं कक्षा की पढ़ाई चल रही थी और करीब 35 बच्चे कक्षा में मौजूद थे। ग्रामीणों के मुताबिक, सुबह करीब 8 बजे तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते छत ढह गई। बच्चे मलबे में दब गए और चीख.पुकार मच गई। जैसे ही सूचना पहुंची बच्चों के माता-पिता स्कूल के पास जमा हो गए। महिलाएं बिलख रहीं थी और बच्चों की सलामती की दुआ कर रहीं थी। कई घंटों तक राहत एवं बचाव कार्य किया गया।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों और शिक्षकों ने बच्चों को मलबे से निकालना शुरू किया। थोड़ी ही देर में पुलिस, प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। चार जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाया गया। मनोहरथाना अस्पताल के डॉ. कौशल लोढ़ा ने बताया कि 35 घायल बच्चों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें से 11 की हालत गंभीर थी। इन्हें झालावाड़ जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसे में अब तक 6 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है।
गांव के लोगों ने बताया कि स्कूल की यह इमारत लंबे समय से जर्जर स्थिति में थी। छत से पानी टपकता था और दीवारों में दरारें थीं। ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन ने कई बार शिक्षा विभाग और प्रशासन को इसकी मरम्मत के लिए अवगत कराया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आज की यह अनदेखी 6 मासूमों की जान ले गई।
सीएम भजन लाल शर्मा ने भी इस मामले में सोशल मीडिया पर लिखा है कि यह वास्तव में ह्दय विदारक घटना है। घायल बच्चों के समुचित उपचार के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने हादसे पर दुख जताया और घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाए जाने की घोषणा की। उन्होंने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि मैंने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी ट्वीट कर घटना पर संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
घटना के बाद स्कूल परिसर में बिखरी किताबें, फटे बैग, टूटा फर्नीचर और खून से सने कपड़े दिल दहला देने वाला मंजर पेश कर रहे थे। बच्चों को निकालते समय कई ग्रामीणों की आंखों में आंसू थे। गांव के लोग इस हादसे को मानव लापरवाही का नतीजा मान रहे हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ सालों में प्रदेश में सरकारी स्कूल भवनों में कई हादसे हुए हैं। लेकिन झालावाड़ में हुआ ये हादसा बड़ी दुर्घटना बताई जा रही है।
Updated on:
25 Jul 2025 11:05 am
Published on:
25 Jul 2025 11:05 am
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