
तीन आरोपी गिरफ्तार (पत्रिका फोटो)
Jhalawar Minor Marriage Case: शादी जैसे पवित्र रिश्ते की आड़ में एक 17 साल की किशोरी का चार लाख रुपए में सौदा कर दिया गया। सौदा करने वाले कोई बाहरी नहीं, बल्कि उसके अपने पिता और मामा थे। किशोरी को करीब दोगुनी उम्र के व्यक्ति के साथ शादी के बंधन में बांध दिया गया। इतना ही नहीं, उसे घर से भागने से रोकने के लिए स्टांप पर ऐसी अमानवीय शर्तें लिखवाई गईं, जिनमें उसके आने-जाने और फोन रखने तक की स्वतंत्रता छीन ली गई। झालावाड़ पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में कार्रवाई करते हुए किशोरी के पिता, मामा और कथित पति को गिरफ्तार किया है। मामले में मानव तस्करी, शोषण और बाल विवाह से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
एसपी अमित कुमार के अनुसार, गत 14 अक्टूबर को झालावाड़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक गोपनीय शिकायत मिली। इसमें एक युवक ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले काम के दौरान उसकी पहचान एक लड़की से हुई थी। बाद में लड़की ने सोशल मीडिया पर संदेश भेजकर पूछा कि क्या वह किसी को मरवा सकता है। बातचीत आगे बढ़ने पर उसने एक व्यक्ति की फोटो भेजकर उसकी हत्या करवाने के बारे में पूछा।
युवक को पता चला कि यह फोटो लड़की के पति की है। उसने डिजिटल साक्ष्य और चैट के स्क्रीनशॉट पुलिस को सौंप दिए। युवक के एफआईआर दर्ज कराने में संकोच को देखते हुए भवानीमंडी थाने में पुलिस ने स्वयं आपराधिक षड्यंत्र और हत्या के दुष्प्रेरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने 16 अक्टूबर को लड़की को दस्तयाब किया। पूछताछ और परिजनों के बयानों से सामने आया कि 15 जून 2025 को, जब लड़की की उम्र 17 वर्ष 8 माह 20 दिन थी, उसके पिता और मामा ने उसकी इच्छा और सहमति के विरुद्ध उसका विवाह तय किया। किशोरी से करीब दोगुनी उम्र के व्यक्ति से शादी के नाम पर पिता और मामा ने चार लाख रुपए नकद लिए। सौदे को छिपाने के लिए विवाह के निमंत्रण कार्ड तक नहीं छपवाए गए और गुप्त तरीके से शादी करवा दी गई।
शादी के बाद किशोरी को शारीरिक और मानसिक शोषण झेलना पड़ा। परेशान होकर वह बाल विवाह के 20 दिन बाद ही घर से भाग निकली। मामला दर्ज होने के बाद उसे दस्तयाब किया गया, लेकिन उसने परिजनों के साथ जाने से इनकार कर दिया। बालिग होने तक वह कोटा के बालिका गृह में रही। बाद में उसे फिर परिवार को सौंप दिया गया।
लड़की ने इस शादी से निकलने की इच्छा जताई, लेकिन परिवार ने कहा कि उसका सौदा किया जा चुका है। कथित पति की ओर से भी उसे धमकियां मिलती रहीं। बाद में नोटरी के समक्ष स्टांप पर समझौता तैयार कराया गया, जिसमें शर्त रखी गई कि लड़की बिना बताए कहीं जाती है या भागती है, तो उसके पिता को चार लाख रुपए देने होंगे। उसके आने-जाने और फोन रखने पर भी पाबंदियां लगाई गईं। पुलिस के अनुसार, दबाव और घुटन के चलते किशोरी ने आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास भी किया।
पुलिस ने मामले में पति, पिता और मामा को गिरफ्तार किया है। जांच में नाबालिग की खरीद-फरोख्त और शोषण के तथ्य सामने आने पर मानव तस्करी, शोषण, विवाह के उद्देश्य से अपहरण या मजबूर करने तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धाराएं जोड़ी गई हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे अनुसंधान जारी है। झालावाड़ एसपी ने आमजन से अपील की है कि विवाह के नाम पर युवतियों की खरीद-फरोख्त या बाल विवाह की जानकारी मिलने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने अथवा हेल्पलाइन पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
Updated on:
21 Oct 2026 05:00 pm
Published on:
21 Oct 2026 04:59 pm
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