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‘Nandan Kanan Yojana’ News …देवस्थान विभाग के मंदिरों की जमीन में लगाए जाएंगे पौधे

- जिले में देवस्थान विभाग के एक दर्जन मंदिर

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'Nandan Kanan Yojana' News Saplings will be planted in the land of temples of Devasthan Vibhag

'Nandan Kanan Yojana' News ...देवस्थान विभाग के मंदिरों की जमीन में लगाए जाएंगे पौधे

झालावाड़.जिले के देवस्थान विभाग के मंदिरों में अब स्वयं की वाटिका विकसित होगी। इसके पीछे सरकार की मंशा है कि विभाग के मंदिरों की भूमि भी संरक्षित होगी और मंदिर परिसर हरियाली से लहराएंगे। विभाग की ओर से 'नंदन कानन योजना' शुरु की गई। इसके तहत मंदिरों की खुली जमीन में पौध लगाए जाएंगे। विभाग ने भूमि का चिह्नीकरण करना शुरु कर दिया गया। देवस्थान विभाग के प्रदेश में 539 मंदिरों में यह कार्य शुरु होगा। झालावाड़ जिले में दो मंदिरों में ही पर्याप्त जगह है,हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जहां भूमि नहीं है, वहां पर गमलों में पौध रोपण किया जाएगा। इससे मंदिरों में चढऩे वाले फूल परिसर में ही उपलब्ध हो सकेंगे और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। प्राचीन परम्परा को बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर में पौधे रोपने के लिए योजना लाई जा रही है,जिसके तहत मंदिर परिसरों में पौधरोपण किया जाएगा। झालावाड़ में विभाग के 12 मंदिर विभाग के अधिकारी ने बताया कि देवस्थान विभाग के अधीन झालावाड़ जिले में 12 मंदिर हैं। इन सभी मंदिरों में योजना के तहत पौधरोपण किया जाएगा, जिससे पर्यावरण को भी बढ़ावा मिलेगा। जहां मंदिर में खाली जगह होगी तो उसमें पौध रोपण किया जाएगा, जिससे मंदिर परिसर में हरियाली बनी रहेगी और भगवान को चढ़ाने के लिए फल-फूल भी मंदिर परिसर में मिल सकेंगे। जिनमें पीपाजी व द्वारकाधीश मंदिर की जमीनों पर पौधारोपण किया जा सकता है।

देवस्थान विभाग के मंदिर

मंदिर स्थान

द्वारकाधीश झालरापाटन

पदमनाथजी(सूर्यमंदिर) झालरापाटन

गिरिराज झालरापाटन

विश्वंतमाताजी पुरानी तह.झालरापाटन

शिलादेवी झालरापाटन

रुपाबाईसा झालावाड़

मैड़तनजी खारीबावड़ी,झालावाड़

खेजड़ी केबालाजी झालावाड़

जैसलमेरी जी झालावाड़

मथुराधीशजी झालावाड़

पीपानन्दजी झालावाड़

श्रीराम भगवान सुनेल

वन विभाग की नर्सरी से लेंगेपौधे-

विभाग इस योजना के तहत प्रशासन और वन विभाग का भी सहयोग लेगा। इसके लिए पौधे वन विभाग की नर्सरी से लिए जाएंगे। साथ ही इस कार्य में सामाजिक संस्था ओर आमजनता भी शामिल होकर पौधरोपण कर सकते हैं। इन किस्मों के लगेंगे पौधे- मंदिर परिसर में फलदार एवं छायादार पौधे रोपे जाएंगे। जिनमें पीपल, तुलसी, आवंला, मोगरा, नीम, गिलोए, बिल्वपत्र आदि के पौधे रोपे जाएंगे। मंदिर के पुजारी के अनुसार पहले मंदिर परिसरों में अनेक प्रकार के फल-फूल और छायादार एवं जड़ी-बुटियों के पेड़ हुआ करते थ,लेकिन अब इतने पौधे नहीं होते हैं।

बाजार से मंगाने पड़ते थे-

अब तक देखने में आया है कि मंदिरों में भगवान को फूल,मालाएं एवं फल बाजार से मंगाने पड़ते हैं,क्योंकि मंदिर परिसर में इतने फल-फूल नहीं हो पाते है। ऐसे में अब इस योजना के तहत देवस्थान विभाग के अधीन जिले के सभी मंदिरों में पौधरोपण किया जाएगा। सामाजिक संस्थाएं भी ले सकती है भाग- नन्दनकानन योजना के तहत पीपाजी व द्वारकाधीश मंदिर पर पौधारोपण करवाया है और भी करवाएंगे। समितियों के माध्यम से देखरख करवाएंगे। अन्य जगह गमले आदि में पौधे लगा रहे हैं।सामाजिक संस्थाएं भी मंदिर परिसर में पौधे लगा सकती है। कमल अग्रवाल, मैनेजर देवस्थान विभाग,झालावाड़।