
सरकार बदलते ही पद्माक्षी पुरस्कार का नाम हुआ 'इंदिरा प्रियदर्शनी पुरस्कारÓ
झालावाड़. माध्यमिक शिक्षा एवं प्रारंभिक शिक्षा विभाग के तहत आठ संवर्गों की जिले में प्रथम स्थान पर आने वाली छात्राओं को अब इंदिरा प्रियदर्शनी पुरस्कार दिया जाएगा। पहले इस पुरस्कार का नाम इंदिरा प्रियदर्शनी पुरस्कार के स्थान पर पूर्व में भाजपा सरकार ने 'पद्माक्षीÓ पुरस्कार कर दिया था, अब गहलोत सरकार ने फिर से नाम बदल कर 'इंदिरा प्रियदर्शनी पुरस्कारÓ कर दिया है। इसके आदेश उपशासन सचिव ने ७ मार्च २०१९ को जारी कर दिए है। यह योजना वर्ष २०१९-२० से लागू होगी।
इन्हें मिलेगा पुरस्कार
इंदिरा प्रियदर्शनी पुरस्कार सामान्य, अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, विशेष पिछड़ा वर्ग,बीपीएल व निरूशक्त वर्ग की ऐसी छात्राओं को दिया जाएगा, जो माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की कक्षा 8,10 व 12 की परीक्षाओं में प्रत्येक जिले में प्रथम स्थान पर रही हैं। इसी प्रकार संस्कृत शिक्षा विभाग में अध्ययनरत आठों संवर्गों की ऐसी छात्राएं,जिन्होंने बोर्ड की कक्षा 8 वीं, प्रवेशिका और वरिष्ठ उपाध्याय बोर्ड परीक्षाओं में राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है,उनको पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कार राशि के रूप में आठवीं में 40 हजार,१०वीं में 75 हजार और १२वीं कक्षा में प्रथम स्थान पर 1 लाख रुपए दिए जाएंगे। १२वीं में कला, विज्ञान व वाणिज्य संकाय तीनों में अलग-अलग दी जाएगी।
बालिकाओं को आगे बढऩे का मिलेगा अवसर-
जारी निर्देश में बताया कि यदि किसी भी वर्ग में समान अंक प्राप्त करने वाली एक से अधिक बालिकाएं हो तो सभी को पुरस्कार राशि एवं प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। जानकारों ने बताया कि जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली बालिका को इस पुरस्कार के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इससे प्रदेश की बालिकाओं को आगे बढऩे व पढऩे के अधिक अवसर मिले।
डीईओ को बनाया नोडल-
जिले में पुरस्कार के लिए जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। नोडल अधिकारी बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित होने के बाद जिलेवार सभी श्रेणियों की प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं की सूची निदेशक, माध्यमिक शिक्षा को १५ अगस्त तक संपूर्ण जानकारी निदेशालय को भेजनी होगी। इसके बाद निदेशालय बालिका शिक्षा फाउंडेशन के सचिव को देंगे। वहीं किसी भी बालिका के नियमित अध्ययनरत नहीं होने की स्थिति में नहीं दिया जाएगा। यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष १९ नवम्बर को इंदिरा गांधी के जन्मदिवस पर वितरण किया जाएगा। पुरस्कार की राशि बालिका के खाते में जमा कराई जाएगी। योजना के तहत बालिका निजी व सरकार किसी भी स्कूल की हो सकती है।
अब १९ को मिलेंगा पुरस्कार-
पद्माक्षी पुरस्कार का नाम अब इन्द्रिरा प्रियदर्शनी पुरस्कार कर दिया है। यह अगले सत्र में १९ नवम्बर को दिया जाएगा। इसका नोडल केन्द्र जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक को बनाया गया है।
ओमप्रकाश चौधरी, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी,झालावाड़
Published on:
11 Mar 2019 11:36 am
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