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80 लाख के पीपाजी पैनोरमा पर ताले, पर्यटक हो रहे निराश

पीपाजी की जीवंत प्रतिमाएं एवं इतिहास कैद : जगह-जगह उग आई कंटीली-झांडिय़ां
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झालावाड़

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Jagdish Paraliya

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Updated: 21 Dec 2020, 12:15 PM IST

80 लाख के पीपाजी पैनोरमा पर ताले, पर्यटक हो रहे निराश

80 लाख के पीपाजी पैनोरमा पर ताले, पर्यटक हो रहे निराश

झालावाड़. शहर के गागरोन रोड पर 80 लाख रुपए खर्च कर बनाया पीपानंद पैनोरमा बनने के बाद से ही ताले में बंद है। इसमें पीपाजी से संबंधित जीवनी, चरित्र से संबंधित सामग्री है। लेकिन देखते ही देखते अब यह धूल-धूसरित हो चला है। झालावाड़ जिले के इतिहास में पीपाजी के योगदान के महत्व को याद रखने के लिए इसका निर्माण कराया गया था लेकिन अब धीरे-धीरे इसकी आभा धूमिल होती जा रही है। इसकी सारसंभाल का जिम्मा फिलहाल उपखंड अधिकारी के अधीन है। यहां एक गार्ड तो लगा रखा है जो दिनभर इसकी देखरेख करता है। लेकिन पर्यटकों के लिए इसे अभी समुचित रूप से नहीं खोला गया है। रविवार को इस पैनोरमा को खोला जाना अनिवार्य है लेकिन यहां दोपहर में करीब सवा बारह बजे से दो बजे के बीच इस पैनोरमा का मुख्य गेट बंद था। ऐसे में रविवार को यहां आने वाले कई पर्यटक निराश लौटे। इस परिसर में पीने के पानी की सुविधा भी नहीं है।


गत सरकार में राजस्थान प्रोन्नति एवं संरक्षण प्राद्यिकरण के अध्यक्ष जब झालावाड़ आए थे तब पीपानंदजी के चरित्र एवं उनकी विशेषता के इतिहास से वो बहुत प्रभावित हुए थे। इसके बाद ही पैनोरमा निर्माण की स्वीकृति गत सरकार की सहमति से जारी की थी लेकिन यह पैनोराम अब धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होता नजर आ रहा है। पैनोरमा परिसर में अंदर की ओर कंटीली झाडिय़ां उग आई है। वहीं झाड़-झंकाड़ होने से अब इसमें अंदर जाना भी मुश्किल भरा है। जिला प्रशासन को इसकी देखरेख समुचित तरीके से करनी चाहिए। ताकि पैनारोमा की सुंदरता बनी रही।

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यह है पैनोरमा का महत्व
इतिहासविद् ललित शर्मा ने बताया कि पीपानंद जी का जीवन संत एवं राजा के रूप में रहा। उनकी जीवंत प्रतिमाएं एवं इतिहास इस पैनारोमा में है। उनके चमत्कार एवं अनेक समाज के लोगों को जोडऩे के लिए भक्ति का उपदेश देने के लिए सौराष्ट्र, राजस्थान में जो-जो यात्राएं की है उनकी चित्रावली भी इस पैनोरामा में अंकित कर रखी है। इसमें मूर्तियों एवं चित्रों के माध्यम से पीपानंद जी का जीवन-चरित्र दर्शाया है। इसको पर्यटकों के लिए समुचित रूप से खोलना चाहिए।

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हमने यहां गार्ड लगा रखा है। इसकी जिम्मेदारी हमारे पास है। पर्यटकों के
लिए इसे बंद क्यों कर रखा है, इसके दिखवाते हैं।
मोहम्मद जुनैद, उपखंड अधिकारी