झालावाड़. शहर के गागरोन रोड पर 80 लाख रुपए खर्च कर बनाया पीपानंद पैनोरमा बनने के बाद से ही ताले में बंद है। इसमें पीपाजी से संबंधित जीवनी, चरित्र से संबंधित सामग्री है। लेकिन देखते ही देखते अब यह धूल-धूसरित हो चला है। झालावाड़ जिले के इतिहास में पीपाजी के योगदान के महत्व को याद रखने के लिए इसका निर्माण कराया गया था लेकिन अब धीरे-धीरे इसकी आभा धूमिल होती जा रही है। इसकी सारसंभाल का जिम्मा फिलहाल उपखंड अधिकारी के अधीन है। यहां एक गार्ड तो लगा रखा है जो दिनभर इसकी देखरेख करता है। लेकिन पर्यटकों के लिए इसे अभी समुचित रूप से नहीं खोला गया है। रविवार को इस पैनोरमा को खोला जाना अनिवार्य है लेकिन यहां दोपहर में करीब सवा बारह बजे से दो बजे के बीच इस पैनोरमा का मुख्य गेट बंद था। ऐसे में रविवार को यहां आने वाले कई पर्यटक निराश लौटे। इस परिसर में पीने के पानी की सुविधा भी नहीं है।