
झालावाड़.जब-जब वैश्विक संकट की स्थिति बनती है, अर्थव्यवस्था पर पड़ते असर में सोने-चांदी के भाव बेतहाशा बढ़ते हैं। इसी का नतीजा है कि सोने के भाव 78 हजार-तोला और चांदी करीब 92 हजार किलो हो गए हैं। यह पहली बार का मौका है, जब सोने का भाव 78 हजार रुपए पार हो चुका है, वहीं चांदी भी उच्च स्तर पर पहुंच गई है। जहां, बीते कुछ समय से सोना-चांदी में निवेश को लेकर लोगों का रुझान बढ़ा, वहीं लगातार वैश्विक संकट की स्थिति में दुनिया की अर्थव्यवस्था डगमगा रही है। नतीजा ये कि सोने में निवेश में बढ़ोतरी ने सोने-चांदी के भावों को नए रिकॉर्ड पर पहुंचा दिया है।
पिछले दिनों शुरू हुआ बढ़ोतरी का क्रम लगातार बढ़ रहा है। विकल्प में लाइट वेट ज्वैलरी की ओर रुझान बढ़ रहा है। लेकिन इन दिनों त्योहारी सीजन में कई शुभ मुर्हूत होने से लोग सोने-चांदी की दुकानों पर खरीदारी करने पहुंच रहे हैं।
काम नहीं आई राहत-
दो माह पहले वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट पेश किया था। इसमें सोने पर आयात शुल्क में कटौती से एकाएक सोने की कीमतें प्रभावित हो गई। लेकिन, दो माह बाद ही सोना फिर पुरानी दर पर पहुंच गया था। डेढ़-दो माह के बीच ही सोने की कीमतों में 4 हजार और चांदी की कीमतों में करीब 7 हजार की बढ़ोतरी हो गई थी। इस साल न्यूनतम हो गया था भाव- सोने पर आयात शुल्क में कटौती के बाद घरेलू स्तर पर सोने की कीमतों में गिरावट आई। कस्टम ड्यूटी में 6 प्रतिशत की कटौती की थी। बेसिक कस्टम ड्यूटी को 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया था। करीब 75 हजार तोला भाव में गिरावट आने पर 71 हजार हो गया था। इस साल में यह न्यूनतम स्तर रहा था। कुछ सालों से आसमान छू रही कीमतें कस्टम ड्यूटी में कटौती से घरेलू और विदेशी सोने के बीच मूल्य अंतर कम होने से अवैध आयात में कमी की उम्मीद रही। कुछ सालों में सोने की कीमतें आसमान छू रही है। दो साल में कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी हुई।
इस साल में अब तक ऐसे रहे भाव
दिनांक सोना स्टैंडर्ड चांदी टंच
04 जनवरी 64720 73400
04 फरवरी 64850 72400
04 मार्च 65300 72740
04 अप्रेल 71400 77930
04 मई 72870 80440
04 जून 73870 88480
04 जुलाई 74360 88910
04 अगस्त 72400 84600
04 सितम्बर 73050 83230
04 अक्टूबर 78150 91500 (सोना प्रति 10 ग्राम और चांदी प्रति किलो)
ये है भाव बढऩे का कारण-
सूत्रों ने बताया कि भाव बढऩे का कारण दो देशों में युद्ध और कई देशों में तनाव है। पहले रूस-यूके्रन युद्ध, फिर अमरिका की ब्याज दरों में कमी वजह बनी। वैश्विक अशांति के दौरान सोने में निवेश बढ़ता है। पिछले समय में सोने के भाव में वृद्धि हुई।फिर भी शादियां-त्योहार को लेकर उपभोक्ता के उत्साह में कमी नहीं है। त्योहारी सीजन व नवरात्र में कई शुभ मुर्हूत होने से लोग सोना-चांदी खरीद रहे हैं।
क्या बोले व्यापारी-
इजराइल-ईरान युद्ध से दुनियाभर की इकोनॉमी प्रभावित हुई है। इससे सोने-चांदी के भाव बढ़े हैं। जिन्होंने पहले बुकिंग करा दी, वे खुश हैं, लेकिन जिसके घर आगामी दिनों में शादी है,वो नवरात्र के शुभ मुर्हूत में खरीदारी कर रहे हें।
आराध्य सोनी, व्यापारी
वैश्विक संकट की स्थिति पर सोने-चांदी के भाव बढ़ते हैं। इन दिनों भावों में तेजी की बड़ी वजह भी यही है। निकट भविष्य में भावों में कमी के आसार है। ज्वेलरी खरीद को लेकर उपभोक्ता विकल्प देख रहे हैं। इन दिनों नवरात्र पर अच्छी सोने-चांदी की अच्छी खरीद हो रही है।
दीपक सोनी, व्यापारी
Published on:
10 Oct 2024 02:07 pm
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