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Mines And Geology Department Warning: राजस्थान के खान एवं भू-विज्ञान विभाग ने खनन पट्टा धारकों (लीज होल्डर्स) और विभागीय अधिकारियों को चेतावनी दी है। यदि 31 मार्च तक ऑनलाइन पोर्टल पर खदानों से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और डेटा अपडेट नहीं किए गए, तो संबंधित खनन पट्टों के रवन्ना (खनिज निर्गमन पास) जारी करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी।
खान एवं भू-विज्ञान निदेशालय उदयपुर के अतिरिक्त निदेशक एवं नोडल अधिकारी महेश माथुर ने प्रदेश के सभी खनिज अभियंताओं और सहायक खनिज अभियंताओं को इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए हैं। झालावाड़ जिले में 31 मार्च तक 31 करोड़ का राजस्व प्राप्त करना है, अभी केवल 21 करोड़ रूपए का ही राजस्व मिल पाया है।ऐसे में तीन दिन में 10 करोड़ का राजस्व विभाग को वसूलना है।
जानकारों ने बताया कि पता चला है कि प्रमुख शासन सचिव के निर्देशों और मई 2025 से लगातार भेजे जा रहे रिमाइंडर के बावजूद, विभागीय कार्यालयों की ओर से लीज प्रोफाइल और डिमांड रजिस्टर का डेटा अपडेट नहीं किया गया है। अधिकारियों की इस लेटलतीफी का खमियाजा पूरे सिस्टम को भुगतना पड़ रहा है। डेटा के अभाव में ऑनलाइन सिस्टम में डेडरेंट की डिमांड और उस पर लगने वाले ब्याज की ऑटोमैटिक गणना सही तरीके से नहीं हो पा रही है। ऐसे में कई लोग परेशान हो रहे हैं।
हालात यह हैं कि कई जिलों में कई खनन पट्टों से संबंधित पैन कार्ड, रॉयल्टी शेड्यूल, माइनिंग प्लान, लीज की अवधि और पर्यावरण स्वीकृति (ईसी) जैसी बेहद जरूरी सूचनाएं भी पोर्टल पर दर्ज नहीं हैं। इस वजह से विभाग की ओर से लागू किए जा रहे नए मॉड्यूल्स के क्रियान्वयन में भारी परेशानी आ रही है और सिस्टम का प्रभावी उपयोग ठप हो गया है।
इस लापरवाही को देखते हुए अब लीज प्रोफाइल और डिमांड रजिस्टर अपडेट कार्य का सीधा रिव्यू प्रमुख शासन सचिव की ओर से किया जा रहा है। आगामी बैठकों में इसकी कार्यालयवार प्रगति जांची जाएगी। निदेशालय ने साफ कर दिया है कि 31 मार्च तक हर हाल में ईसी, माइनिंग प्लान, और सीटीओ (कंसेंट टू ऑपरेट) की आवश्यक सूचनाएं ऑनलाइन अपडेट होनी चाहिए। विभाग ने ब्लैंक डेटा (खाली जानकारी) वाले पट्टों की रिपोर्ट भी संलग्न कर अधिकारियों को भेजी है, ताकि वे पट्टेदारों को पाबंद कर सकें।
आदेश में साफ कहा गया है कि यदि तय समयावधि तक लीज प्रोफाइल का आवश्यक डेटा ऑनलाइन अपडेट नहीं होता है, तो ऐसे खनन पट्टों के रवन्ना किसी भी सूरत में जारी नहीं हो पाएंगे। हालांकि झालावाड़ जिले में लगभग सभी लीज होल्डर्स ने अपना आवश्यक डेटा ऑनलाइन कर दिया।
जिले सभी लीजधारकों के दस्तावेज ऑनलाइनकरने का काम चल रहा है, करीब-करीब सभी के हो चुके हैं, कुछ बचे होंगे तो उनका भी किया जा रहा है। निदेशालय से जो आदेश मिले हैं उनकी पालना की जा रही है, जिले में 31 करोड़ का लक्ष्य है।
रमेशचन्द मेघवाल, खनिज अभियंता, झालावाड़
Published on:
28 Mar 2026 03:21 pm
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