
झालावाड़। जिले के असनावर कस्बा निवासी एक युवती बचपन से ही कागज पर लाइन में पीछे से शब्द लिख कर वाक्य बनाती है व उसे उल्टा ही पढ़ा जा सकता है। अध्यापक शिव प्रसाद पारेता की पुत्री दीपा भारती पारेता ने जब से स्कूल जाना शुरु किया को कक्षा में उसने उल्टे हाथ से शब्दों को भी वाक्य में पीछ़े से लिखना शुरु कर दिया। उसने अपना हेाम वर्क आदि से पीछे से शुरु हुए वाक्यों से करना शुरु कर दिया था। लेकिन टीचर को बताने के लिए वाक्यों को सीधी लाइन में भी लिखना पड़ता था, इस प्रकार दोनों ओर से उसका अभ्यास हो गया। कागज पर उसकी अगुलियां तेजी से उल्टे वाक्यों को जमाने के लिए शब्दों को उकेरने लगती हैं। धीरे धीरे यह उसकी आदत में शुमार हो गया। वर्तमान में दीपा एमएससी प्रथम वर्ष की छात्रा हैं। वह अपना सारा कार्य उल्टे वाक्य लिख कर ही करती हैं। दीपा ने बताया कि इस कला में वह निपुण हो गई हैं। उसके सहपाठी इसे देखकर आश्चर्य चकित हो जाते हैं। हालांकि परीक्षा में पेपर पर लाइन में सीधे ही वाक्य लिखना पड़ता है, तो उसे पेपर देने में अतिरिक्त समय लग जाता है। उसकी इस कला से पूरा विद्यालय परिवार अचंभित हो जाता है।