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राजस्थान के 40 शहरी क्षेत्र में होंगे कार्य, विश्व बैंक और एडीबी से राज्य सरकार लेगी ऋण

आरयूआईडीपी का पांचवा चरण,साढ़े अठ्ठारह हजार करोड़ के होंगे विकास कार्य

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आरयूआईडीपी का पांचवा चरण,साढ़े अठ्ठारह हजार करोड़ के होंगे विकास कार्य

आरयूआईडीपी का पांचवा चरण,साढ़े अठ्ठारह हजार करोड़ के होंगे विकास कार्य

हरि सिंह गुर्जर

प्रदेश के 40 शहरी क्षेत्रों में जल्दी ही राजस्थान शहरी आधारभूत विकास परियोजना [आरयूआईडीपी] का पांचवां चरण शुरू होगा। इसके तहत इन क्षेत्रों में 18 हजार ५०० करोड़ के विकास कार्य होंगे। इस राशि का 70 प्रतिशत हिस्सा करीब 13 हजार करोड़ रुपए विश्व बैंक और एशियन विकास बैंक से ऋ ण के रूप में लिया जाएगा। शेष साढ़े पांच हजार करोड़ रुपए राज्य सरकार वहन करेगी। इस विकास को निवेश से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि जिन शहरी क्षेत्रों में विकास होगा, वहां निवेशक रूचि लेंगे।

सूत्रों के अनुसार आरयूआईडीपी के पांचवे चरण में होने वाले इन कार्यों की रूप रेखा नगरीय विकास मंत्री के मार्गदर्शन में हो रहा है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद यह कार्य आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार से यह प्रस्ताव केन्द्र सरकार के पास मंजूरी के लिए जाएगा। इस कार्य में करीब छह माह लगने की संभावना है।

 इन जगहों पर होगा कार्य
जानकारी के अनुसार परियोजना में प्रदेश के सभी दस संभाग मुख्यालयों, चूरू, झुंझनु, टोंक, दौसा, बूंदी और श्रीगंगानगर जिलों को शामिल किया गया है। इनके अलावा दूदू, चौमू, बस्सी, बगरू, चाकसू, जोबनेर, फुलेरा, शाहपुरा, रींगस, श्रीमाधोपुर, खाटूश्याम जी,पीपाड़ शहर, बिलाड़ा, सोजतरुग बालेसर, पुष्कर, किशनगढ़, ब्यावर, कैथून, केशवरायापाटन, कुम्हेर, नगर, नदबई और डीग को शामिल किया गया है।

इस तरह होंगे विकास कार्य

- पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर 24 घंटे पेयजल आपूर्ति

- सीवरेज सुविधा उपलब्ध कराने, उद्योग और कृषि के लिए परिशोधित जल की उपलब्धता
 -ठोस कचरा प्रबंधन को प्रभावी तरीके से लागू करते हुए जीरो वेस्ट मॉडल पर काम

  -बायो मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन और हानिकारक अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार

  - विरासत को सहेजने, मनोरंजन सुविधाएं विकसित करने, सौन्दर्यकरण, चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाने पर काम

 - रोड लाइट के लिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने, इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना।
- ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी की दिशा में काम
- यातायात जाम से राहत दिलाने,सड़कों की रीमॉडलिंग, पार्किंग स्थलों का निर्माण।
  - बस स्टैंड डवलपमेंटए सिटी ट्रांसपोर्ट सिस्टम और इंटर सिटी ट्रांसपोर्ट सिस्टम में सुधार।
  - आरयूआईडीपी के पांचवें चरण के तहत होगा काम

 झालावाड़ जिले को शामिल करने की मांग
आरयूआईडीपी के पांचवे चरण में झालावाड़ और बारां जिले के किसी कस्बे को शामिल नहीं किया गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने झालावाड़ शहर या जिले के किसी कस्बे को इस योजना में शामिल करने की मांग की है। उनका कहना है कि अभी भी शहर और कस्बों में कई विकास कार्यों की जरूरत है।

'' शहर में पहले विकास कार्य खूब हुए है, लेकिन यातायात जाम और ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने की जरूरत है। झालावाड़ शहर को इस योजना में शामिल किया जाता है तो अच्छा रहेगाो इसके लिए जनप्रतिनिधियों से राज्य सरकार को पत्र लिखवाएंगे।- संजय शुक्ला, सभापति नगर परिषद झालावाड़