8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

डिफॉल्ट जोन में निर्माण अब विशेषज्ञों की सलाह के बाद

अधीक्षण अभियंता ने किया परवन बांध का निरीक्षण
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

झालावाड़

•

image

Jagdish Paraliya

•

Updated: 17 Dec 2020, 9:51 PM IST

डिफॉल्ट जोन में निर्माण अब विशेषज्ञों की सलाह के बाद

डिफॉल्ट जोन में निर्माण अब विशेषज्ञों की सलाह के बाद

झालावाड़. सोजपुर. राजस्थान पत्रिका के सोमवार के अंक में परवन बांध में डिफॉल्ट जोन में, 700 करोड़ दांव पर खबर प्रकाशित होने के बाद आला अधिकारी हरकत में आए। बुधवार को अधीक्षण अभियंता केएम जायसवाल ने कंक्रीट कार्य का निरीक्षण किया। उनका कहना था कि डिफॉल्ट जोन में अब विशेषज्ञ टीम की सलाह के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा। जायसवाल का कहना है कि परियोजना के अंतर्गत बांध के दाएं हिस्से की डिजायन एवं ड्राइंग का केंद्रीय जल आयोग द्वारा पुनरीक्षण किया जा चुका है। उसी के अनुसार बांध के दाएं हिस्से में कार्य किया जा रहा है।


बांध के बाएं हिस्से के ब्लॉक संख्या 4 से 8 के मध्य जीएसआई के द्वारा फाल्ट बताए जाने के उपरांत बांध की नींव की फाल्ट के ट्रीटमेंट किए जाने के लिए विशेषज्ञ एवं आईआईटी रूड़की भूकम्प विज्ञान विभाग के विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई है। इस विशेषज्ञ टीम का दिसम्बर माह के अंतिम सप्ताह में निरीक्षण किया जाना प्रस्तावित है। विशेषज्ञ टीम द्वारा बांध के फाल्ट के संबंध में पूर्व में किए गए परीक्षण एवं जीएसआई द्वारा बताए गए विवरण के अध्ययन उपरांत समिति के दो वरिष्ठ सदस्यो डॉ वीके शर्मा पूर्व उप महानिदेशक जनरल जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया एवं बी पी शर्मा पूर्व निदेशक जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा अक्टूबर माह के अंत में बांध का निरीक्षण किया जाकर फाल्ट को ट्रीटमेंट योग्य बताया गया है।

परवन बांध मे डिफॉल्ट जोन, 700 करोड़ दांव पर


अब किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी
विशेषज्ञ टीम के निर्देशानुसार बांध की नींव में पाए गए फाल्ट के ट्रीटमेंट को सीडब्लूसी को प्रस्तुत किया जाएगा। बांध के बाएं हिस्से की ड्राइंग डिजाइन को पुनरक्षित किया जाएगा। इसके बाद ही बांध के ब्लॉक 4 से 8 में काम किया जाएगा। बांध में 4 ब्लॉक को छोड़कर अन्य हिस्से जिनमें की फास्ट लाइन नहीं है उनमें विशेषज्ञों की राय के अनुसार कार्य किए जाने की किसी प्रकार की बाधा नहीं है। बांध के दाएं हिस्से में कंक्रीट का कार्य प्रगतिशील है। बांध व टनल निर्माण में 350 करोड़ रुपए व्यय किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता भारतरत्न गौड़ सहित कई इंजीनियर मौजूद थे।