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Jhalawar: किश्त लेने पहुंचे कर्मचारी तो युवक ने दे दी जान, लोन पर ले रखा था इन्वर्टर

Jhalawar Youth Committed Suicide: झालावाड़ में युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दरअसल लोन वाले किश्त के संबंध में आए, इसी दौरान युवक घर के अंदर गया। बहुत देर तक बाहर नहीं आने पर अंदर जाकर देखा तो आयुष साड़ी के फंदे पर लटका मिला।

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Suicide Case

मृतक युवक की फाइल फोटो: पत्रिका

Rajasthan Suicide Case: झालावाड़ के भवानीमंडी नगर स्थित आदिनाथ चौथमाता मंदिर के पास रविवार को एक युवक ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। मृतक आयुष, सुरेश फरक्या का पुत्र और टगर मोहल्ले का निवासी था। घटना के समय मृतक के परिजन घर पर मौजूद नहीं थे।

साड़ी के फंदे पर लटका युवक

जानकारी के अनुसार आयुष अपनी दुकान पर चाय बना रहा था। इसी दौरान लोन की किश्त के संबंध में कुछ लोग उसके पास आए। इसके बाद आयुष दुकान के पीछे अपने घर के अंदर चला गया। जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आया तो परिजन अंदर गए। अंदर जाकर देखा गया तो आयुष साड़ी के फंदे पर लटका हुआ था। तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

लोन और लेन-देन का मामला

मृतक के मित्रों ने बताया कि आयुष ने इन्वर्टर लोन लिया था। 19 तारीख को आयुष की कंपनी के कर्मचारी से बातचीत हुई थी, जिसमें 2-3 दिन में किश्त जमा करने की बात हुई थी। इसके बाद कंपनी के आरएम अतुल सोनी, हिमांशु, विजय सिंह और कलेक्शन विभाग के कर्मचारी अंतिम सिंह व महिपाल सिंह आयुष के पास पहुंचे थे। इसी दबाव और तनाव के कारण आयुष ने ये कदम उठाया।

पुलिस टीम कर रही मामले की जांच

एसआई पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों ने रुपए के लेन-देन का मामला दर्ज कराया है। पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लोन और किश्त से संबंधित विवाद इस दुखद घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है।

मामूली बात पर दंपति पर हमला

दूसरी तरफ झालावाड़ के ही झालरापाटन के वार्ड गिन्दौर में मामूली विवाद के चलते दंपति पर हमला कर दिया जिससे दोनों जने घायल हो गए। जिन्हें एसआरजी चिकित्सालय झालावाड़ ले जाया गया। जहां पत्नी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी, जबकि पति को गंभीर रूप से घायल होने से उपचार के लिए भर्ती किया।

रविवार सुबह अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 41 वर्षीय लक्ष्मी नारायण माली और उनकी पत्नी तरुणा अपना स्कूटर ठीक कराने गिन्दौर स्थित वर्कशॉप पर गए थे। स्कूटर बार-बार खराब होने को लेकर उनकी वर्कशॉप मालिक से बहस हो गई। इसी दौरान पड़ोस का किराना दुकानदार सुरेश राठौर वहां आया और उनसे शोरगुल बंद कर वहां से चले जाने को कहा।

इस बात को लेकर उनके बीच बहस हो गई। थोड़ी देर बाद सुरेश का भाई और परिवार के अन्य सदस्य घर से बाहर आए और उन दोनों पर हमला कर दिया। आसपास के दुकानदारों ने बीच बचाव किया। सूचना मिलने पर शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए सैटेलाइट अस्पताल पहुंचाया। जहां तरुणा को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी और उसके पति को उपचार के लिए झालावाड़ रैफर किया। थानाधिकारी अलका विश्नोई ने बताया कि पुलिस ने घायल के बयान दर्ज कर सुरेश राठौर और उसके परिवार के सदस्यों के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।