झांसी में हॉस्टल के अंदर BAMS स्टूडेंट का शव मिला है। कमरे को खोलकर देखा गया तो शव बेड पर उल्टा पड़ा था। और मुंह से खून की उल्टियां हुई थी। फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
बीएएमएस छात्र की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गयी। वह हॉस्टल के कमरे में बेड पर औंधे मुंह पड़ा था और मौत से पहले उसने खून की उल्टी भी की थी साथियों ने वार्डन को सूचना दी और उसको हॉस्पिटल ले गए, जहां पर उसको मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। मूलरूप से बहराइच के रहने वाले रतन श्रीवास्तव (30) झांसी के रक्सा थाना क्षेत्र के डॉ. कृष्ण गोपाल द्विवेदी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में बीएएमएस के तृतीय वर्ष का छात्र था। पिता विनोद कुमार ने बताया कि रतन का दो विषय में बैक आ गयी थी। वह बैक पेपर देने के लिए 7 दिन पहले ही कॉलेज के हॉस्टल में आया था।
एक प्रैक्टिकल बचा था
दोनों पेपर और प्रैक्टिकल हो चुका था। एक प्रैक्टिकल शेष था, जिसकी तिथि निर्धारित नहीं हुयी थी। रतन के रूममेट का फाइनल हो चुका था। वह रूम छोड़कर चला गया था। रूम में रतन अकेला ही रह रहा था। शुक्रवार दोपहर को वह काफी देर तक साथियों को दिखाई नहीं दिया। इस पर साथी उसके कमरे पर गए, लेकिन दरवाजा अन्दर से बंद था, जिस पर उन्होंने आवाज दी और दरवाजा खटखटाया, लेकिन जब कोई जवाब नहीं आया तो धक्का देकर दरवाजा खोला। रतन बेड पर औंधे मुंह पड़ा था और पास में खून की उल्टी फैली थी। दोस्त उसे अस्पताल ले गए। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पिता सहायक अभियन्ता और भाई अवर अभियन्ता है
रतन श्रीवास्तव के पिता विनोद कुमार श्रीवास्तव बहराइच के सिंचाई विभाग में सहायक अभियन्ता के पद पर कार्यरत हैं। वह दो भाई और एक बहन हैं, जिसमें रतन सबसे छोटा था। बड़ा भाई गौरव श्रीवास्तव पीडब्ल्यूडी में अवर अभियन्ता हैं। बहन निकिता की शादी हो चुकी है। रतन की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
हॉस्पिटल के कमरे में था बेहोश
थाना रक्सा प्रभारी निरीक्षक अशोक उपाध्यक्ष ने बताया कि रतन हॉस्टल के कमरे में वह अचेत मिला था। उसके पास में खून की उल्टी पड़ी थी। साथी उसको हॉस्पिटल ले गए थे, जहां उसकी मौत हो गयी। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। उधर, सूत्रों का कहना है कि पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर विसरा को सुरक्षित रख लिया गया और जिसको जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा।