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पार्षद ने गुणवत्ता पर सवाल उठाने के बाद दे दी क्लीन चिट, दोनों चिट्ठियां सोशल मीडिया पर वायरल

झांसी नगर निगम के वार्ड 23 लहर गिर्द प्रथम के पार्षद का कमाल। नगर निगम के अधिकारी से लेकर पार्षदों के बीच चिट्ठी पर हो रही चर्चा।

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Councilor gave clean chit after raising questions on quality

झांसी में पार्षद ने गुणवत्ता पर सवाल उठाने के बाद दे दी क्लीन चिट।

झांसी के वार्ड 23 लहर गिर्द प्रथम के पार्षद की दो चिट्ठियां सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं, जिसकी चर्चा नगर निगम में अधिकारियों से लेकर पार्षदों के बीच खूब चल रही है। इसमें पार्षद ने पहले अपने वार्ड में चल रहे निर्माण कार्य पर सवाल उठाकर काम बन्द करा दिया, लेकिन सवा महीने बाद उसी काम को क्लीन चिट दे दी - वह भी बाकायदा चिट्ठी लिखकर । इस पर चर्चा करने वाले चटकारा भी ले रहे हैं।


शिकायत में सरिया बताया था घटिया

वार्ड 23 लहर गिर्द प्रथम में शेरू यादव के मकान से आगे नाला का निर्माण कराया जा रहा था। 19 जून को वार्ड के पार्षद ने नगर आयुक्त को शिकायती पत्र देकर बताया था कि नाले के बेस में लगाया गया सरिया घटिया क्वालिटी का है। नाले की दीवार में भी 8 व 10 एमएम का सरिया लगाया गया। पार्षद की शिकायत के बाद अफसरों ने काम रुकवा दिया।


दूसरी चिट्ठी में दे दी क्लीन चिट

31 जुलाई को वार्ड के पार्षद ने नगर आयुक्त को एक और चिट्ठी लिखी, जिसमें उन्होंने नाले के निर्माण कार्य को क्लीन चिट देते हुए मानकों के अनुरूप बताया और काम बंद होने से विकास में बाधा उत्पन्न होने का हवाला दिया और काम प्रारंभ कराने का अनुरोध किया। नगर आयुक्त को लिखी गईं यह दोनों चिट्ठियां अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। अब इस पर खूब चर्चा हो रही है कि आखिर डेढ़ माह में उस काम को क्लीन चिट कैसे मिल गई, जिस पर पार्षद ने ही सवाल उठाए थे। पार्षद कामेश अहिरवार ने बताया कि शिकायत के बाद ठेकेदार ने गुणवत्ता विहीन कार्य को तुड़वा दिया था, जबकि शेष कार्य सही किया गया था, इसलिए विभाग में पत्र लिखकर कार्य शुरू कराने को कहा गया था।