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झांसी: अधेड़ को शादी की चाहत पड़ती थी महंगी, ब्लैकमेल करके 610 लोगों को बनाया गया शिकार, लाखों की वसूली

Marriage fraud and recovery: झांसी में 50 साल के आसपास की उम्र के लोगों को शादी का झांसा देकर वसूली का मामला सामने आया है। इसके लिए एक कॉल सेंटर चलाया जाता था। पुलिस ने कॉल सेंटर से 16 लड़कियों को रेस्क्यू किया है। ‌

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पुलिस की गिरफ्त में अभियुक्ता, फोटो सोर्स- झांसी पुलिस

फोटो सोर्स- झांसी पुलिस

Jhansi fake call center: झांसी में पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। जिसमें 17 से 20 लड़कियां काम करती थी। फर्जी कॉल सेंटर की संचालक के पास 50 साल के आसपास की उम्र वालों का डाटा उपलब्ध था। जिनको फोन करके शादी के संबंध में जानकारी प्राप्त की जाती थी और उन्हीं लड़कियों की फोटो भेजी जाती थी। जो कॉल सेंटर में काम कर रही है। इसके अतिरिक्त 'एआई जेनरेटेड' फोटो भी भेज कर अधेड़ उम्र के व्यक्तियों को आकर्षित करने का प्रयास किया जाता था। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कॉल सेंटर में काम करने वाली लड़कियों से जबरदस्ती काम लिया जाता था। जो अत्यंत करीब परिवार से थी। जिनका भी रेस्क्यू किया गया है। मामला सीपरी थाना बाजार का है।

फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा

उत्तर प्रदेश के झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत सरयू बिहार कॉलोनी में शगुन मैरिज कॉल सेंटर का संचालन हो रहा था। जिसमें बड़ी संख्या में लड़कियां काम करती थीं। जो अत्यंत गरीब परिवारों से थी। सभी को 5 हजार रुपए में रखा गया था। कॉल सेंटर संचालक के पास 50 साल के आसपास के लोगों का डाटा उपलब्ध था। जिन्हें कॉल सेंटर के माध्यम से फोन किया जाता था। कॉल सेंटर में काम करने वाली लड़कियों की फोटो उन्हें भेजी जाती थी। लड़कियों की उम्र 18 से 30 वर्ष की घटना का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक अरीबा नोमान ने बताया कि कॉल सेंटर में काम करने वाली लड़कियां 18 से 30 वर्ष की थीं और उनके पास लोगों की पूरी सूची थी जो 50 साल की उम्र के लोगों को टारगेट करती थी। जिनको शादी का झांसा देकर फोटो भेजा जाता था। इसके बदले में रजिस्ट्रेशन शुल्क के रूप में वसूली होती थी।

25 हजार से एक लाख रुपए की वसूली

एएसपी ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के बाद यही महिलाएं अभद्रता करना शुरू कर देती थी। इस दौरान वीडियो कॉलिंग भी करती थी। ब्लैकमेल करके 25 हजार रुपए से एक लाख रुपए तक की वसूली होती थी। कॉल सेंटर में काम करने वाली लड़कियों की उम्र 18 से 30 वर्ष की है। और यह सभी एक पीड़ित के रूप में काम कर रही थी जिन्हें रेस्क्यू करके उनकी काउंसलिंग की गई है।

क्या सामान बराबर हुआ?

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कॉल सेंटर की प्रबंधक को गिरफ्तार किया गया है। जिनके पास से सात कंप्यूटर सिस्टम, 5 एंड्राइड मोबाइल फोन, 23 की-पैड मोबाइल फोन, एक टैबलेट, तीन रजिस्टर (जिसमें हिसाब किताब होता था), 29 रफ रजिस्टर, 3 क्यूआर कोड सिस्टम बरामद किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।