
चोरी के मामले का खुलासा करते हुए एसपी देहात गोपीनाथ सोनी।
Jhansi News: भाभी लकवाग्रस्त, वृद्ध माँ की तबीयत खराब, दो भतीजों के पैर में रॉड पड़ी और भतीजी भी मानसिक रूप से बीमार । आपदाओं का पहाड़ जब सिर पर आ गया तो युवक भगवान की शरण में पहुँचा। परिजनों के इलाज के लिए 35 हजार रुपए का इंतजाम करने की भगवान से प्रार्थना की। पर, जब रुपए का इंतजाम नहीं हो सका, तो फिर आरोपी ने मंदिर में ही चोरी की योजना बनाई। मन्दिर परिसर में रखी भगवान की मूर्ति से चाँदी के उतनी ही कीमत के आभूषण चुरा लिए, जितने रुपए की उसको जरूरत थी। सोने के आभूषणों को उसने हाथ भी नहीं लगाया। यह रोचक खुलासा उस चोर ने किया, जिसने जन्माष्टमी की रात को मंदिर में चोरी की थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने जमीन के अंदर छिपाकर रखे भगवान के आभूषण बरामद कर लिए। हालांकि वह आभूषणों को मिलाकर बेचने की फिराक में था।
ये है पूरा मामला
घटना का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) गोपीनाथ सोनी ने बताया कि थाना मोठ क्षेत्र के मुरली मनोहर मंदिर में 7-8 सितंबर की रात को ठाकुरजी व राधारानी के आभूषण चोरी हो गए थे। मामले की पड़ताल में एक युवक के पैर और परछाई सीसीटीवी कैमरे में नजर आ रही थी, लेकिन उससे पहचान नहीं हो पा रही थी। इसके साथ ही चोर मंदिर से ज्यादा दूर भी नहीं गया था, क्योंकि वहाँ के कमरों को खंगाला तो वह नजर नहीं आया। इस पर शक हुआ कि चोरी करने वाला मंदिर के पास ही रहता है। जानकारी करने पर पता चला कि मंदिर के पास पुरानी सब्जी मंडी, कटरा बाजार निवासी रंजीत ताम्रकार रहता है, जिसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। शक होने पर उससे पूछताछ की, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। इसके बाद उसके भतीजे से पूछताछ की, जिस पर रंजीत ने सारी हकीकत बता दी। रंजीत ने बताया कि उसको भाभी और माँ का इलाज कराना था, जिसके लिए 35 हजार रुपए की जरूरत थी।
पहले भगवान से प्रार्थना की थी
उसने बताया कि पहले उसने भगवान से धनराशि की व्यवस्था कराने की प्रार्थना की और जब पैसे को इंतजाम नहीं हुआ तो भगवान के सिर्फ चांदी के आभूषण चोरी किए और घर में जमीन के अंदर दबाकर रख दिए। इसके साथ ही उसने भगवान के अन्य सोने के आभूषण को हाथ नहीं लगाया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चांदी के 2 छात्र, 2 मुकुट, 1 चाबर टूटी हुई, 1 मोर पंख, 1 डोरी कुल 15 टुकड़ों में बरामद कर लिए। आरोपी को पकड़ने में अहम भूमिका उपनिरीक्षक अरविन्द कुमार, रन सिंह व हेड कांस्टेबल अजमत उल्ला खाँ, रणजीत सिंह व सिपाही वीरेंद्र सिंह ने निभाई।
सिर्फ 9 मिनट में दिया घटना को अंजाम
आरोपी ने घटना को अंजाम सिर्फ 9 मिनट में दिया। वह मंदिर की तरफ से टहलता हुआ रात लगभग 12.40 बजे पहुँचा और दीवार कूदकर भगवान की मूर्ति से आभूषण चोरी करने के बाद 12.49 बजे मंदिर से निकलकर अपने घर चला गया था।
चोरी से पहले भगवान से मांगी माफी
मां और भाभी का इलाज कराने के लिए पैसों का जब इंतजाम नहीं हो पाया तो रंजीत ने उसी मंदिर में चोरी करने का निर्णय लिया, जिसमें वह अक्सर पूजा- अर्चना करने जाता था। पर, उसका दिल चोरी करने को राजी नहीं था। मजबूर रंजीत ने पहले भगवान से माफी मांगी, फिर आभूषण चोरी कर लिए।
Published on:
14 Sept 2023 09:49 am
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