
सड़क पर पत्नी के सामने पति को मारी 4 गोलियां, PC-X
झांसी : जिले के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के भोजला गांव में सोमवार दोपहर एक सनसनीखेज हत्या ने इलाके में दहशत फैला दी। पूर्व प्रधान और उनके परिवार ने मिलकर 38 वर्षीय अरविंद यादव को घेरकर चार गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया। यह वारदात अरविंद की पत्नी संगीता के सामने हुई, जो अपने पति को बचाने की कोशिश में थी। हमलावरों ने संगीता को थप्पड़ मारकर धक्का दे दिया और उनके पास से 2 लाख रुपये व मोबाइल लूटकर फरार हो गए। इस घटना ने 6 साल पुरानी रंजिश को फिर से उजागर कर दिया।
सोमवार दोपहर करीब 1 बजे अरविंद यादव अपनी पत्नी संगीता के साथ बुलेट मोटरसाइकिल से भोजला गांव के पास जा रहे थे। उन्होंने एसबीआई की स्थानीय शाखा से 2 लाख रुपये निकाले थे, ताकि बैंक का पर्सनल लोन चुका सकें। रास्ते में 5-6 बाइकों पर सवार 10-12 हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें अरविंद को दो गोलियां सामने और दो पीछे से लगीं। संगीता ने बताया कि हमलावरों में पूर्व प्रधान रिंकू यादव, उनके बेटे अजीत, मिथुन, राहुल, संजय और अन्य शामिल थे। वारदात के बाद हमलावर हवा में गोलियां चलाते हुए भाग गए।
संगीता ने पति को बचाने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उन्हें थप्पड़ मारकर धक्का दे दिया। घटना के बाद स्थानीय लोग जमा हो गए और घायल अरविंद को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, इस हत्या की जड़ 2019 में हुई एक अन्य हत्या से जुड़ी है। उस समय भोजला गांव में तत्कालीन प्रधान रिंकू यादव के चाचा मुन्ना यादव की हत्या हुई थी, जिसमें अरविंद यादव समेत 8 लोग आरोपी बनाए गए थे। अरविंद को 4 साल पहले हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी, लेकिन केस अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है। इस रंजिश को हत्या का कारण माना जा रहा है।
अरविंद के चचेरे भाई अर्जुन सिंह ने बताया कि 2019 में मुन्ना यादव की हत्या के बाद अरविंद के बड़े भाई नरेश यादव भी रहस्यमय तरीके से लापता हो गए थे। उनका मोबाइल दतिया के परासरी गांव के जंगल में मिला, लेकिन नरेश का कोई सुराग नहीं लगा। परिवार का आरोप है कि नरेश की भी हत्या कर दी गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
अरविंद यादव खेती-किसानी के साथ दूध बेचने का काम करता था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद वह गांव के बाहर भरारी फार्म हाउस के पास रह रहा था। उसका 14 साल का बेटा दिलीप पढ़ाई कर रहा है। अरविंद ने गांव की एसबीआई शाखा से पर्सनल लोन लिया था, जिसे चुकाने के लिए वह पैसे निकालने गया था।
घटना के बाद संगीता सड़क पर अपने पति के शव के पास बैठकर रोती रही और लोगों से अस्पताल पहुंचाने की गुहार लगाती रही। स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस बुलाकर अरविंद को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। अरविंद का शव देखकर संगीता और परिवार वाले बेसुध हो गए। सूचना मिलते ही एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति, एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि अरविंद यादव की गोली मारकर हत्या की गई है। मुख्य आरोपी रिंकू यादव और उनके साथियों की तलाश में तीन पुलिस टीमें गठित की गई हैं। लूट के आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है।
Updated on:
08 Sept 2025 05:55 pm
Published on:
08 Sept 2025 05:55 pm
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