
गर्मी के चलते झांसी में खराब हुई बिजली व्यवस्था।
Jhansi News : भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए चलाए जा रहे एसी, कूलर व पंखों ने बिजली का लोड बढ़ा दिया है। यहां बिजली की खपत में लगभग 50 मेगावाट की बढ़ोतरी होने से व्यवस्था हांफने लगे हैं। ट्रांस्फॉर्मर साथ छोड़ रहे हैं। केके पुरी कॉलनि के निवासियों पर तो मुसीबतों का पहाड़ टूट गया। यहां ट्रांसफार्मर फुंकने से लगभग 25 घंटे तक बिजली गुल रही। महानगर के कई और क्षेत्रों में बिजली कटौती ने लोगों को परेशान कर दिया।
240 मेगावाट तक पहुंची डिमांड
नगरीय क्षेत्र में आमतौर पर गर्मी में लगभग 190 मेगावाट बिजली की खपत होती है, लेकिन बीते कुछ दिन से लगातार बढ़ते तापमान के चलते यह खपत 220 से 240 मेगावाट तक जा पहुंच गई है। कुछ ऐसा ही हाल ग्रामीण क्षेत्रों में भी है, जहां बिजली की खपत 260 मेगावाट से बढ़कर 320 से 340 मेगावॉट तक जा पहुंच गई है। ऐसे में ट्रांसफार्मर का खराब होना स्वाभाविक है। लगातार बढ़ते लोड का ही परिणाम है कि गन्दीगर का छपरा पर लगा 1000 केवीए
जल रहे ट्रांसफार्मर
ट्रांसफार्मर खराब हो गया, जिससे कई घंटे के लिए क्षेत्र के विद्युत आपूर्ति बाधित रही। पठौरिया डीवीए के पास लगा 400 केवी का ट्रांसफार्मर जल गया, जिसे तुरन्त ठीक कर पाना सम्भवन नहीं था, लोगों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने यहां अस्थाई तौर पर ट्रॉली ट्रांसफार्मर लगाकर विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था की है। इसके साथ ही रानी महल कूड़ा घर पर लगा 400 केवी और 250 केवी का ट्रांसफार्मर और केके पुरी कॉलोनी में लगा 400 केवीए का ट्रांसफार्मर अधिक लोड होने के चलते खराब हो गया। अन्य क्षेत्र में लोगों को कुछ घंटे की परेशानी के बाद बिजली सप्लाई शुरू होने पर राहत मिल गई, लेकिन के के पुरी में बिजली व्यवस्था की सबसे खराब हालत रही। यहां 24 से 25 घंटे लोगों को बगैर कूलर, पंखे और एसी के गुजारने पडे। वहीं, रात भी सड़क और घरों की छत पर जागकर बितानी पड़ी। विद्युत विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि अधिक लोड बढ़ने से पूरे महानगर में विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है, लोगों को परेशानी न हो इसके लिए लगातार व्यवस्था की जा रही है। विभाग ने अपील जारी करते हुए उपभोक्ताओं से परेशानी से बचने के लिए निर्धारित स्वीकृत भार का ही इस्तेमाल करने को कहा है।
पेयजल को तरस रहे लोग
बिजली व्यवस्था बिगड़ने के चलते जहां लोगों को बिना एसी, कूलर, पंखा और लाइट के रहना पड़ा तो इसका असर जलापूर्ति पर भी पड़ा। दिन रात बिजली न मिलने के चलते केकेपुरी क्षेत्र में पानी की टंकी सूखी रही। बिजली न होने के कारण न तो बोर से पानी आ सका और न ही सप्लाई का पानी घरों तक पहुंचा। पटरी से उतरी बिजली और पानी की व्यवस्था के कारण लोगों को हैंडपंप से पानी भरकर लाना पड़ा।
Published on:
13 Jun 2023 07:46 am
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