
झांसी के नौगांव में मौजूद कर्नल सोफिया कुरैशी के परिजन।
आपरेशन सिंदूर की ब्रीफिंग के लिए कर्नल सोफिया कुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह सामने आईं। उन्होंने आपरेशन से जुड़ी सभी जानकारियां लोगों तक पहुंचाई। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी थे। कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि मंगलवार-बुधवार की रात 1.05 से 1.30 के बीच आपरेशन सिंदूर हुआ। पहलगाम में जिस निर्दयता से निर्दोष पर्यटकों को मारा गया, उसके लिए यह आपरेशन चलाया गया। आपरेशन के दौरान हमारा टारगेट सिर्फ और सिर्फ आतंकी ठिकाने थे। आपरेशन के दौरान यह सुनिश्चित किया गया था कि सेना और बेगुनाह लोगों, इफ्रास्ट्रक्चर को कोई भी नुकसान न पहुंचे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोफिया कुरैशी का जन्म छतरपुर के नौगांव में 12 दिसंबर 1975 को हुआ था। सोफिया कुरैशी का जन्म न सिर्फ बुंदेलखंड में हुआ बल्कि उन्होंने यहीं से दुश्मनों को मात देने का हुनर भी सीखा। सोफिया झांसी में बतौर मेजर के पद पर तैनात रहीं।
सोफिया के चाचा वली मोहम्मद नौगांव में रहते हैं। सोफिया के चचेरे भाई एवं मैकेनिकल इंजीनियर मोहम्मद रिजवान ने बताया कि सोफिया की प्रारंभिक पढ़ाई यहीं से हुई। वह पढ़ाई लिखाई में हमेशा अव्वल रहीं।
सोफिया के ताऊ इस्माइल कुरैशी BSF में थे। रिटायर्ड होने के बाद वह झांसी के भट्ठागांव में रहते थे। दो साल पहले उनकी मौत हो गई। चचेरा बहन शबाना कुरैशी का कहना है कि सोफिया कुरैशी पूरे परिवार के लिए रोल माडल की तरह हैं।
कर्नल कुरैशी के एजुकेशनल बैकग्राउंड की बात करें, तो उन्होंने 1997 में वडोदरा की महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी से बायोकैमिस्ट्री में मास्टर्स की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने पीएचडी की पढ़ाई शुरू की, लेकिन पीएचडी छोड़कर उन्होंने साल 1999 में आर्मी जॉइन कर ली। उन्होंने भारतीय सेना की सिग्नल कोर से प्रशिक्षण प्राप्त किया, जहां उन्होंने तकनीकी और संचार क्षमताओं में विशेषज्ञता हासिल की।
Updated on:
08 May 2025 04:33 pm
Published on:
08 May 2025 04:31 pm
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