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हृदयरोगी को ‘भगवान’ सा नजर आया टीटीई, जिसने बिना स्टॉपेज ट्रेन रुकवाकर बचाई जान

हृदयरोगी को 'भगवान' सा नजर आया टीटीई, जिसने बिना स्टॉपेज ट्रेन रुकवाकर बचाई जान

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हृदयरोगी को 'भगवान' सा नजर आया टीटीई, जिसने बिना स्टॉपेज ट्रेन रुकवाकर बचाई जान

झांसी। कहावत है कि 'न जाने किस रूप में नारायण मिल जाएं', कुछ इसी तर्ज पर एक हृदय रोगी को ट्रेन के टीटीई के रूप में भगवान नजर आया। ट्रेन में अचानक ही हृदय रोगी को हर्टअटैक आने पर टीटीई ने बिना स्टॉपेज वाले रेलवे स्टेशन पर ही गाड़ी रुकवाकर उसे प्राथमिक चिकित्सा सेवा उपलब्ध करवाई। इसके साथ ही स्थिति गंभीर होने पर वहां के एक अस्पताल में पहुंचने पर उस हर्ट अटैक के रोगी की जान बच सकी। बाद में स्वस्थ होने पर वह रोगी दूसरी ट्रेन से अपने गंतव्य पहुंचा।

ये था मामला

ये मामला विशाखापट्टनम से नईदिल्ली के बीच चलने वाली एपी एक्सप्रेस का है। इस ट्रेन में एक यात्री को अचानक ही सीने में तेज दर्द उठना शुरू हो गया। यात्री को आभास हो गया कि जैसे उसे हर्टअटैक आ गया। इसकी जानकारी लगते ही ट्रेन में चल रहे टीटीई के मैसेज पर थ्रू-ट्रेन (स्टापेज नहीं) को बीना स्टेशन पर रुकवाकर यात्री को रेलवे अस्पताल पहुंचाया गया। जरूरी उपचार के बाद यात्री को सिविल अस्पताल रेफर किया गया। हालत सामान्य होने पर यात्री को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

झांसी का रहने वाला है यात्री

जानकारी के अनुसार झांसी के रहने वाले बृजकिशोर एपी एक्सप्रेस में विशाखापट्टनम से झांसी के लिए यात्रा कर रहे थे। वह कोच नंबर बी-3 बर्थ नंबर 16 पर थे। गंजबासौदा स्टेशन के पास उन्होंने टीटीई को बताया कि उनके सीने में तेज दर्द हो रहा है। टीटीई ने फौरन बीना स्टेशन पर यह मैसेज किया। मैसेज मिलते ही डिप्टी एसएस सुशील पांडेय ने रेलवे अस्पताल को सूचना देकर तुरंत डाक्टर भेजने को कहा। रेलवे स्टाफ ने थ्रू ट्रेन एपी एक्सप्रेस को प्लेटफआर्म नंबर 3 पर रुकवाकर यात्री को बोगी से उतारा और डाक्टर द्वारा चेक करने के बाद उन्हें सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां स्वास्थ्य सामान्य होने पर वह दूसरी ट्रेन से झांसी के लिए रवाना हुए।