
बेसहारा पशुओं से अपनी फसलों को बचाने के लिए रात-रातभर जीरो डिग्री तापमान में खड़े रहने के झंझट से अब कुछ हद तक किसानों को राहत मिल सकेगी। क्योंकि राज्य सरकार ने प्रदेश में खेतों में तारबंदी के लिए कड़े नियमों को सरल कर दिया है। कभी पांच, कभी तीन किसानों के समूह में आवेदन करने की बाध्यता तो कभी 50 तो कभी 30 बीघा जमीन का होना किसानों के लिए रोड़ा साबित हो रहा था। जिसके चलते ज्यादातर किसान इसके फायदे से वंचित थे। परंतु अब कई नियमों को सरल किया गया है। इसका फायदा प्रदेश के ज्यादातर किसानों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष दोनों रूप से मिल सकेगा। गौरतलब रहे कि योजना की शुरूआत 2017-18 में हुई। उस समय पांच किसानों के समूह का होना जरूरी था। 2019-20 में पांच किसानों के समूह की बाध्यता हटाकर तीन किसान का समूह कर दिया। जमीन कम से कम 30 बीघा जरूरी थी।अब एक किसान डेढ़ हैक्टेयर यानि 15 बीघा जमीन पर भी आवेदन कर तारबंदी का फायदा उठा सकता है।
तीस मई तक आवेदन
पहली बार ऐसा हुआ कि दो लाख से अधिक किसानों को तारबंदी का लक्ष्य रखा गया है। आवेदन के लिए 30 मई से राज किसान पोर्टल खुलेगा।
पहले तीन किसानों का था नियम
अधिकारियों की मानें तो पहले कृषि विभाग के माध्यम से तीन किसानों का समूह होना जरूरी था। साथ ही एक किसान के पास 3 हैक्टेयर यानि 30 बीघा के करीब भूमि का होना जरूरी था। परंतु अब इन दोनों बाध्यतों को हटा दिया है। इसके तहत अब एक किसान के पास अगर डेढ़ हैक्टेयर यानि 15 बीघा भूमि है तो तारबंदी के लिए आवेदन कर सकता है।
समूह में भी ले सकते हैं फायदा
यही नहीं जो किसान समूह के हिसाब से फायदा लेना चाहते हैं, वे भी ले सकते हैं। इसके लिए बशर्तें दो किसान और इनके पास कम से कम 15 बीघा यानि डेढ़ हैक्टेयर जमीन का होना जरूरी है। दो किसानो से अधिक का समूह के लिए भी कोई बाध्यता नहीं है।
ये मिलेगा अनुदान
तारबंदी के लिए व्यक्तिगत किसान को न्यूनतम डेढ़ हैक्टेयर भूमि होने पर अधिकतम चार सौ रनिंग मीटर तक लागत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम राशि 40 हजार जो भी कम हो, देय होगी। इसके अलावा लघु व सीमांत श्रेणी किसान होने पर अधिकतम चार सौ रनिंग मीटर तक लागत का 60 प्रतिशत अथवा अधिकतक राशि 48 हजार रुपए जो भी कम हो प्रति किसान देय होगा।
इनका कहना है..
कई नियमों को आसान किया गया है। पहले ग्रुप में तीन किसानों व 30 बीघा जमीन का होना जरूरी था। परंतु अब एक किसान जिसके पास डेढ़ हैक्टेयर यानि 15 बीघा जमीन है वह आवेदन कर सकता है। इसके अलावा दो या दो से ज्यादा ग्रुप में आवेदन किए जा सकते हैं। पहली बार जिले को दो लाख से अधिक किसानों को ताराबंदी का फायदा देने के लक्ष्य मिले हैं।
डा. विजयपाल कस्वां, सहायक निदेशक कृषि विस्तार (झुंझुनूं)
Published on:
27 May 2022 04:29 pm
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