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Rajasthan News: राज्य स्तरीय कमेटी से क्लीन चिट मिलने के बाद इंद्रा डूडी ने बुधवार को चिड़ावा प्रधान पद का कार्यभार फिर से संभाल लिया। पदभार ग्रहण से पहले पंचायत समिति सभागार में उन्होंने प्रेसवार्ता की और भ्रष्टाचार व पद के दुरुपयोग से जुड़े सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया।
डूडी ने कहा कि विरोधियों ने राजनीतिक द्वेषता के चलते झूठी शिकायतें करवाईं, लेकिन राज्य सरकार की विशेष समिति की जांच में सभी आरोप बेबुनियाद साबित हुए। उन्होंने राज्य सरकार की निष्पक्षता की सराहना करते हुए कहा कि जांच में सच की जीत हुई और झूठ जनता के सामने उजागर हो गया।
डूडी ने दुकानों के आवंटन में भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किराया और कीमत का निर्धारण पीडब्ल्यूडी ने किया था। जिन दुकानों की कीमत पीडब्ल्यूडी ने महज 13 लाख रुपए तय की थी, उनमें करोड़ों के भ्रष्टाचार का सवाल ही नहीं उठता।
पदभार ग्रहण से पहले डूडी ने आराध्य देवी और बावलिया बाबा की आराधना की। इस मौके पर सरपंच फोरम अध्यक्ष एडवोकेट विनोद डांगी, पंस सदस्य उमेद धनखड़, पंस सदस्य बनारसी देवी ओजटू, पूर्व उप प्रधान उमराव डांगी, नूनियां गोठड़ा सरपंच अमरसिंह नूनियां समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। डूडी ने कहा कि ‘लोगों की दुआओं से ही मेरी वापसी संभव हुई है।’
डूडी ने पूर्व प्रधान रोहिताश धांगड़ पर पूर्व में आपराधिक रिकॉर्ड रखने और कार्यकाल में टेंडरों में गड़बड़ी करने के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि धांगड़ ने दस माह के कार्यकाल में ज्यादातर टेंडर अपने ड्राइवर के नाम पर रजिस्टर्ड फर्म को दिए और कमीशनखोरी का खेल चलाया।
उधर, रोहिताश धांगड़ ने डूडी के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रधान के पद पर मनोनीत किया था। दस माह के कार्यकाल में सरकार के भरोसे पर खरा उतरा। धांगड़ ने यह भी तंज कसा कि डूडी के कार्यक्रम से उनकी ही पार्टी के नेता दूरी बनाए रहे।
Updated on:
2 Oct 2025, 12:33 PM IST
Published on:
2 Oct 2025, 12:33 PM IST
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