
Kanhaiyalal Jangid Made ECO Friendly Car
सुरेंद्र डैला
चिड़ावा (झुंझुनूं). झुंझुनूं जिले के चिड़ावा कस्बे के 70 वर्षीय मिस्त्री कन्हैयालाल जांगिड़ ने कबाड़ से इको-फ्रेंडली कार बनाने में कामयाबी हासिल की है। यह कार एक बार चार्ज करने के बाद 70 किमी तक का सफर तय कर लेती है। इसे चार्ज करने में करीब एक-डेढ़ घंटा तथा 10-12 रुपए का खर्च आता है। जांगिड़ सूरजगढ़ मोड़ पर गाड़ी ठीक करने का कार्य करते हैं। दो-तीन महीने पहले उन्होंने गाड़ियों के स्पेयर पार्ट्स जुटाए और उनसे एक कार बना दी। इसके लिए उन्होंने मोटर, गाड़ियों की बैटरी, ई-रिक्शा के टायर आदि सामान काम में लिए। इस पर रंग का काम बाकी है। जांगिड़ ने बताया कि उन्होंने शौकिया तौर पर ही कार खुद के उपयोग के लिए बनाई है।
जांगिड़ महज आठवीं तक पढ़े हुए हैं। जांगिड़ के अनुसार घर की जिम्मेदारी और नौवीं में फेल होने के कारण उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी। इसके बाद वे अलग-अलग जगह पर रोजगार की तलाश में निकले। कुछ साल मुंबई में भी काम किया। वहां एक कारखाने में इंजीनियर भी कम्प्रेशर को ठीक नहीं कर पाए, उसे जांगिड़ ने ठीक कर दिखाया।
डेढ़-दो लाख रुपए का आया खर्चा
जांगिड़ ने बताया कि कार में फिलहाल 48 वोल्ट की चार बैटरी लगा रखी हैं। लेकिन जल्द ही इसे एक बैटरी से चलाया जाएगा। बैटरियों को चार्ज करने में 10-12 रुपए का खर्च आता है। इसके बाद कार करीब 70 किमी तक चल सकती है। कार में एक साथ चार लोग सवार हो सकते हैं। इसके लिए आगे और पीछे दो-दो सीट भी लगी हैं। कार बनाने में करीब डेढ़-दो लाख रुपए का खर्चा आया। इसमें लगी मोटर गाड़ी को आगे-पीछे दोनों तरफ चला सकती है। कार की अधिकतम स्पीड 25-30 किमी रखी गई है। इसमें 5 क्विंटल तक वजन वहन करने की क्षमता है।
पहले बनाई थी मिनी कार
जांगिड़ ने कुछ साल पहले छोटे बच्चों के लिए मिनी कार भी बनाई थी, जो 80 किलो तक वजन उठा सकती है। मिनी कार में 12 वोल्ट की बैटरी, मोटर लगा रखी है। यह एक बार चार्ज करने के बाद दिनभर चल सकती है। यह कार उन्होंने अपने पोते के लिए बनाई थी।
Published on:
12 Jul 2023 04:49 pm
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