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चिड़ावा (झुंझुनूं)। बैंक से लोन ले रखे एक पशुपालक रामरख की ढाणी निवासी विनोद कुमार ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें लिखा है कि ‘मेरे गायों की डेयरी है, जिसमें लोस हो रहा है, बैंक का लोन नहीं चुका पा रहा हूं, बैंकों ने मेरे पर प्रेशर कर रखा है, इसलिए आत्महत्या कर रहा हूं।’ पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। उधर, परिजनों ने विभिन्न मांगों को लेकर पिलानी रोड पर निजी बैंक के सामने धरना शुरू कर दिया।
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने विभिन्न मांगों को लेकर दिनभर धरना-प्रदर्शन किया और मांगें पूरी होने तक शव लेने से इनकार कर दिया। पुलिस प्रशासन ने शाम तक समझाइश के प्रयास किए, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। प्रशिक्षु आरपीएस और तहसीलदार की समझाइश के बाद एसडीएम भी वार्ता के लिए पहुंचे लेकिन देर शाम तक सहमति नहीं बन पाई।
मृतक के भाई रामरख की ढाणी (उधमपुरा) निवासी योगेंद्रसिंह पुत्र श्रीचंद ने बैंक मैनेजर व स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में रिपोर्ट दी है। इसमें उसने बताया कि उसके भाई विनोद कुमार ने पिलानी रोड स्थित एचडीएफसी बैंक से डेयरी के लिए करीब 33 लाख रुपए का लोन ले रखा था और वह नियमित किस्तें जमा कर रहा था। कुछ माह पहले पशुधन का नुकसान होने के कारण कुछ किस्तें जमा नहीं करवा पाया।
आरोप है कि एक-दो दिन पहले बैंक मैनेजर व स्टाफ गांव पहुंचे और ऋण जमा नहीं करने पर पुलिस कार्रवाई की धमकी दी। इसके बाद से विनोद तनाव में था। परिजन के अनुसार विनोद गुरुवार सुबह ही घर से निकल गया। देर रात को मावंडिया की ढाणी रेलवे फाटक के पास ट्रेन के आगे आकर आत्महत्या कर ली।
परिजनों ने विभिन्न मांगों को लेकर बैंक के सामने धरना शुरू किया। मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपए की मदद, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, बैंक के सभी लोन माफ करने और ऋण के लिए रखे दस्तावेज वापस दिलवाने समेत अन्य मांगे की।
Published on:
17 Apr 2026 07:18 pm
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