विनोद की चीखें सुनकर पड़ोसी दौड़े चले आए, आनन-फानन में दोनों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दोनों की सांसों की डोर टूट गई। सूचना मिलते ही थानाधिकारी रणजीत सेवदा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल से सबूत जुटाए। वह घर जो कल तक खुशहाल था, आज वहां सिर्फ सन्नाटा और अनसुलझे सवाल बचे हैं।