सीकर के धोद के निकट अहीरों का बास में पहली नियुक्ति हुई तब भी शिक्षक महला साथ रहे। जम्मू - कश्मीर घुमाने के सवाल पर कहा कि लाल चौक पर तिरंगा लहराने की बातें केवल सुनी थी व टीवी पर देखी थी। शिक्षक महला कार्यक्रमों के दौरान इसका जिक्र करते थे। तब तय कर लिया था, जहां हजारों लाल शहीद हुए, उसी लाल चौक की माटी पर शिक्षक बनने के बाद गुरु को भ्रमण करवाऊंगा। प्रदीप ने बताया शिक्षक बनने के बाद पहला शिक्षक दिवस लाल चौक पर अपने गुरु के साथ मनाऊंगा।