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इटली में रहने वाली खुद कभी कोलकाता से गोद ली गई थी, अब झुंझुनूं के बच्चे को अपनाकर लिखी नई कहानी

Jhunjhunu News: राजस्थान के झुंझुनूं में जन्म के बाद छोड़े गए स्पेशल नीड्स बच्चे को इटली के दंपती ने गोद लेकर नई जिंदगी दी। पढ़िए यह भावुक और प्रेरणादायक खबर।

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फोटो- AI

Jhunjhunu News: राजस्थान के झुंझुनूं जिले से एक दिल छू लेने वाली खबर सामने आई है, जहां जन्म के बाद छोड़ दिए गए एक विशेष जरूरत (स्पेशल नीड्स) वाले बच्चे को इटली के दंपती ने गोद लेकर उसे नया परिवार और बेहतर भविष्य दिया है। यह कहानी न केवल मानवता की मिसाल है, बल्कि यह भी दिखाती है कि प्यार और अपनापन किसी सीमा का मोहताज नहीं होता।

यह बच्चा जन्म के समय ही कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था। उसकी हालत गंभीर थी और शुरुआती दिनों में उसे विशेष चिकित्सा देखभाल की जरूरत पड़ी। ऐसे हालात में उसे अस्पताल और फिर चाइल्ड केयर संस्थान में रखा गया, जहां उसकी लगातार निगरानी और देखभाल की गई। समय के साथ उसकी स्थिति में सुधार हुआ और इसी दौरान उसके जीवन में एक नया मोड़ आया। जब इटली के एक दंपती ने उसे गोद लेने का निर्णय लिया।

जन्म से संघर्ष, फिर मिला सहारा

बच्चे को जन्म के तुरंत बाद ही छोड़ दिया गया था। उसकी स्थिति नाजुक थी, इसलिए उसे पहले झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल में रखा गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए जयपुर भेजा गया। कुछ समय बाद उसे चाइल्ड केयर होम में स्थानांतरित किया गया, जहां उसे सुरक्षित वातावरण, पोषण और चिकित्सा सुविधाएं मिलीं। यहां उसकी देखभाल ने उसके जीवन को नई दिशा दी।

इटली से आया प्यार, बना नया रिश्ता

इटली के फ्लोरेंस शहर से आए दंपती मार्घेरिटा और डेनिएले ने इस बच्चे को अपनाने का फैसला किया। खास बात यह है कि मार्घेरिटा खुद भी कोलकाता से गोद ली गई थीं, इसलिए उन्होंने इस बच्चे की परिस्थितियों को गहराई से समझा। दोनों ने बिना किसी झिझक के इस बच्चे को अपनाया और उसे अपने परिवार का हिस्सा बनाया।

लंबी प्रक्रिया के बाद पूरी हुई गोद लेने की प्रक्रिया

इस गोद लेने की प्रक्रिया में करीब 3 से 4 महीने का समय लगा। सेंट्रल अडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (CARA) के जरिए सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। जब दंपती ने पहली बार बच्चे को अपनी गोद में लिया, तो वह पल बेहद भावुक था। दंपती ने कहा कि वे लंबे समय से बच्चे का इंतजार कर रहे थे और अब उनका परिवार पूरा हो गया है।

उम्मीद और इंसानियत की मिसाल

यह कहानी सिर्फ एक गोद लेने की नहीं है, बल्कि यह एक नई शुरुआत की कहानी है। यह दिखाती है कि दुनिया में अभी भी संवेदनशीलता और इंसानियत जिंदा है। एक ऐसा बच्चा जिसे जन्म के बाद छोड़ दिया गया था, आज उसे एक ऐसा परिवार मिला है जो उसे प्यार, सुरक्षा और बेहतर भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह घटना समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी देती है कि हर बच्चे को एक मौका मिलना चाहिए। चाहे परिस्थितियां कैसी भी क्यों न हों।

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