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झुंझुनूं की बेटी स्विंग गेंदबाजी से अच्छे-अच्छे क्रिकेटरों के उखाड़ रही विकेट, पुरुषों की टीम में खेलती है क्रिकेट

वर्ष 2009 में आई फिल्म दिल बोले हड़िप्पा में रानी मुखर्जी ने रील लाइफ में टीम को जिताने के लिए लड़का बनकर क्रिकेट मैच खेला था, लेकिन झुंझुनूं की बेटी हैप्पी खींचड़ रीयल लाइफ में लड़कों की टीम में क्रिकेट खेल रही है।

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Jhunjhunu daughter cricketer happy khichad

राजेश शर्मा/झुंझुनूं। वर्ष 2009 में आई फिल्म दिल बोले हड़िप्पा में रानी मुखर्जी ने रील लाइफ में टीम को जिताने के लिए लड़का बनकर क्रिकेट मैच खेला था, लेकिन झुंझुनूं की बेटी हैप्पी खींचड़ रीयल लाइफ में लड़कों की टीम में क्रिकेट खेल रही है। स्वींग करती उसकी तेज गेंदें अच्छे-अच्छे क्रिकेटरों के विकेट उखाड़ रही हैं। वह अपनी टीम की स्ट्राइकर गेंदबाज है।

मूलत कुमावास गांव निवासी लम्बे कद की तेज गेंदबाज हैप्पी ने बताया कि वह अभी झुंझुनूं की रीको कॉलोनी में रहती है। इससे पहले एथलीट थी। सौ व दौ मीटर में जिला स्तर पर विजेता रह चुकी। स्टेट लेवल पर भी खेल चुकी हैं। बाद में कोरोना में उसने अपना खेल बदल लिया। अब वह जिला क्रिकेट एसोसिएशन की महिला टीम की मुख्य तेज गेंदबाज है। पिछले दिनों स्टेट लेवल की कॉल्विन शील्ड में उसने तीन विकेट लेकर टीम को जिताया था और मैन ऑफ द मैच रहीं। इसके अलावा चैलेंजर ट्रॉफी सहित स्टेट लेवल की कई प्रतियोगिता में वह खेल चुकी। उसका अगला लक्ष्य रणजी खेलना है। सीबीएसई की ओर से आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता में भी वह स्टेट लेवल तक खेल चुकी।

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बल्लेबाजी भी करती हैं
वह मध्यम क्रम में बल्लेबाजी भी करती है। हैप्पी ने बताया कि जिले में लड़कियों की टीम नियमित अभ्यास नहीं करती है, इसलिए वह लड़कों के साथ अभ्यास करती है। अभी झुंझुनूं एकेडमी की टीम से शूरवीर कप में लड़कों के साथ खेल रही है। टीम को कई मैच जिता चुकी।

पढाई में अव्वल
हैप्पी खेलों के साथ पढाई में भी अव्वल है। उसकी 27 फरवरी से दसवीं सीबीएसई की परीक्षा है। आठवीं में उसके 97.84 व नौवीं में 97 प्रतिशत अंक आए थे। हैप्पी ने बताया कि उसे आगे बढ़ाने में कोच अजय कुमार नियमित अभ्यास करवाते हैं। हम तीन बहनें हैं, मैं सबसे बड़ी हूं। मां उजेश, पिता राजेश भी खेलों के लिए प्रोत्साहित करते हैं। दादा जयराम सिंह सेना से रिटायर्ड मेजर हैं, वे मेरी डाइट व फिटनेस का पूरा ध्यान रखते हैं।

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