जयपुर। शाहपुरा कस्बे के जयपुर तिराहे पर लावारिस हालत में मिले एक बाल गोपाल ने थाने को ही अपना ‘घर’ समझ लिया। वहीं महिला पुलिसकर्मी विनोद ने ‘यशोदा’ जैसा फर्ज निभाया। दिनभर महिला पुलिसकर्मी के साथ खाना खाया और थाने में चक्कर लगाता घूमता रहा। थाना प्रभारी अरुण पूनिया के साथ बाजार में पुलिस की गाड़ी में घूमा। सर्दी लगने लगी तो उसे जैकिट दिलाई तो मासूम के चेहरे पर मुस्कान झलक गई हालांकि वह कई बार अपने मां-बाप को यादकर गुमसुम सा हुआ, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे खेल-कूद में व्यस्त रखा और शाम को वह थानाप्रभारी की टेबल पर सो ही गया।