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झेरली गांव के 174 परिवारों की उड़ी नींद, 12 और चिह्नित किए, नोटिस जारी होंगे

पिलानी. झेरली गांव में एक बार फिर नायब तहसीलदार के नोटिसों ने 174 परिवारों की नींद उड़ा दी है। साथ ही 12 और नए अतिक्रमण को चिह्नित कर नायब तहसीलदार कार्यालय से नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है।

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झेरली गांव के 174 परिवारों की उड़ी नींद, 12 और चिह्नित किए, नोटिस जारी होंगे

झेरली गांव के 174 परिवारों की उड़ी नींद, 12 और चिह्नित किए, नोटिस जारी होंगे



पिलानी. झेरली गांव में एक बार फिर नायब तहसीलदार के नोटिसों ने 174 परिवारों की नींद उड़ा दी है। साथ ही 12 और नए अतिक्रमण को चिह्नित कर नायब तहसीलदार कार्यालय से नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है।

मामला एक रास्ते के विवाद से जुड़ा हुआ है जो 2018 से चल रहा है। इसमें कोर्ट में फिर से अवमानना की अर्जी लगाने के बाद प्रभावित परिवारों में हड़कंप मच गया है। झेरली सरपंच अनूप देवी के पति व आईटीबीपी से रिटायर्ड कमांडेट पूर्णमल इस मामले में कोर्ट में याचिकाकर्ता हैं जो पहली बार 2018 में कोर्ट पहुंचे थे। उन्होंने अपने घर के रास्ते को लेकर याचिका लगाई थी और रास्ते के बीच में मकान बनाने वालों पर कार्रवाई की मांग की थी। जिसके बाद जांच हुई तो इसमें झेरली गांव का वार्ड नंबर आठ व नौ, जो ढाणी सेबली के नाम से दर्ज है। उसमें 174 लोग चिह्नित किए गए। जिन्होंने जोहड़ की भूमि में मकान बना रखे थे।उस वक्त यह रिपोर्ट जिला कलक्टर की ओर से कोर्ट में पेश की गई। जिस पर कोर्ट ने जिला कलक्टर को आदेश दिए थे कि वो आवश्यक कार्रवाई कर कोर्ट को अवगत करवाए। जिला कलक्टर ने भी मामले में गंभीरता दिखाते हुए 133 मकानों को छोड़कर 41 ऐसे अतिक्रमण को हटाने के आदेश दिए थे। लेकिन कलक्टर के आदेश सिर्फ कागजों में रह गए और कोई कार्रवाई नहीं हुई।

जुलाई में एक बार फिर याचिकाकर्ता पूर्णमल हाईकोर्ट पहुंचा और जिला कलक्टर के खिलाफ न्यायालय की अवमानना की अर्जी थी। इसके बाद नायब तहसीलदार न्यायालय के जरिए पूर्व में चिह्नित अतिक्रमियों को नोटिस जारी कर शुक्रवार तक अतिक्रमण हटाने या फिर जवाब देने के आदेश दिए।प्रभावित परिवार के लोग शुक्रवार को तहसील कार्यालय पहुंचे और अपने जवाब प्रस्तुत किए। ग्रामीण राजेंद्र प्रसाद शर्मा झेरलीवाला ने बताया कि जिन्हें प्रशासन अतिक्रमी मान रहा है। उन्हें पंचायत ने पट्टे दिए हैं। कुछ लोगों ने अपनी जमीन सरकारी कार्यालयों के लिए दी है। इसके बदले उन्हें पंचायत ने जमीन दी है। यही नहीं सभी के पास बिजली-पानी के चार से पांच दशक पुराने कनेक्शन हैं। इन मकानों पर बैंक ने लोन दे रखे हैं।

इनका कहना है

174 अतिक्रमियों को नोटिस दिए गए थे जिन्होंने जवाब प्रस्तुत किए हैं। नायब तहसीलदार न्यायालय में इन जवाबों को देखा जाएगा। इसके अलावा भी सभी के मामलों की सुनवाई अब न्यायालय में चलेगी। हाल ही में इस जगह पर 12 नए अतिक्रमण भी चिह्नित किए गए हैं। जिन्हें भी नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने या फिर अपना पक्ष रखने के लिए कहा जाएगा।- सुरेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार, पिलानी