
सोमवती अमावस्या पर लोहार्गल धाम में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
jhunjhunu news इस बार कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को दोपहर बाद अमावस्या शुरू होने के कारण 12 नवंबर को दीपावली मनाई गई। अगले दिन 13 नवंबर सोमवार को भी दोपहर बाद तक अमावस्या तिथि होने के कारण अधिकतकर लोग गोवर्धन पूजा मंगलवार को करेंगे। लेकिन सोमवार को भी अमावस्या होने के कारण पितृ कार्य के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु सूर्य क्षेत्र तीर्थराज लोहार्गल धाम पहुंचे। लोहार्गल धाम सूर्य कुंड में हजारों श्रद्धालुओं ने सोमवती अमावस्या के उपलक्ष में पवित्र स्नान किया। कुंड में स्नान के बाद लोहार्गल धाम के अधिपति भगवान सूर्यनारायण मंदिर में पूजा अर्चना कर धोक लगाई। सूर्य मंदिर के पीठाधीश्वर जगद्गुरु अवधेशाचार्य महाराज ने बताया कि कार्तिक मास में सोमवती अमावस्या के दिन सूर्य कुंड में स्नान करके भगवान सूर्य को जल अर्पित कर सूर्य मंदिर में पूजा अर्चना करने का विशेष महत्व है।
jhunjhunu news ऐतिहासिक ढोसी की पहाड़ी पर किया स्नान
jhunjhunu news जिले के अंतिम छोर हरियाणा सीमा से लगते च्वनऋषि की तपोस्थली ढोसी के पहाड़ पर सोमवती अमावस्या को श्रद्धालुओं का तांता लगा। सोमवती अमावस्या का श्रद्धालुओं ने पहाड़ी पर स्थित चंद्रकुई के पानी से स्नान कर एवं मंदिरों के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। गौरतलब है कि च्वनऋषि की तपोस्थली ढोसी के पहाड़ी का आधा हिस्सा हरियाणा तथा कुछ हिस्सा राजस्थान की सीमा में पड़ता है। पहाड़ी पर जाने के लिए हरियाणा की तरफ के रास्ते का ज्यादा उपयोग किया जाता है। सोमवार को सवेरे से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरु हो गया था। श्रद्धालुओं ने चंद्रकुई के पानी से स्नान किया और ऐतिहासिक पहाड़ी पर बने शिवकुंड सहित अन्य मंदिरों के दर्शन किए। हरियाणा के नारनौल पुलिस की तरफ से श्रद्धालुओं की व्यवस्था के लिए माकूल प्रबंध किया गया। सोमवती अमावस्या को आस-पास के गांवों के लोग ढोसी की पहाड़ी पर स्नान एवं मंदिर में दर्शन करने के लिए आते है। स्नान एवं दर्शन के बाद दान-पुण्य का दौर चलता है।
Published on:
14 Nov 2023 12:25 pm
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