
Jhunjhunu News: झुंझुनूं। राजकीय भगवानदास खेतान (बीडीके) अस्पताल में एक युवक को मृत घोषित कर झूठी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने के चर्चित मामले में नया मोड़ आया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने कोतवाली थानाधिकारी को मामले की दोबारा जांच कर 22 अप्रेल तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि जिले के सबसे बड़े बीडीके अस्पताल में मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक रोहिताश को 21 नवंबर 2024 को भर्ती कराया गया था। जहां कुछ ही देर बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया और शव को मोर्चरी में डी-फ्रीजर में रख दिया गया।
वहां एक चिकित्सक ने कागजों में उसका पोस्टमार्टम कर बगड़ की संस्थान को सुपुर्द कर दिया। संस्थान के लोग उसे श्मशान घाट में चिता पर रखकर मुखाग्नि देने लगे, तभी उसकी सांसें चलने लगी। उसे वापस अस्पताल लाया गया। जहां से देर रात उसे जयपुर के लिए रेफर कर दिया गया। एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
-21 नवंबर 2024 को युवक के बीडीके अस्पताल में भर्ती होने से लेकर पोस्टमार्टम के लिए रैफर किए जाने तक किस-किस चिकित्सक ने इलाज किया, उसके दस्तावेज मांगे गए हैं।
-किस चिकित्सक ने युवक को मृत घोषित किया और उस समय के समस्त दस्तावेज की जानकारी तलब की गई है।
-पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने वाले चिकित्सक का पूरा विवरण और उनसे संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं।
-अस्पताल के मोर्चरी या अन्य हिस्सों में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की रिकार्डिंग मांगी गई है।
-युवक को दोबारा कब अस्पताल में भर्ती किया गया, वहां किस डॉक्टर ने इलाज किया और जयपुर किस चिकित्सक ने कब रेफर किया, इसका पूरा रिकॉर्ड मांगा गया है।
-यदि एसएमएस में पोस्टमार्टम के समय वीडियोग्राफी की गई हो तो उसकी रिकॉर्डिंग भी मांगी।
Published on:
09 Apr 2025 11:10 am
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