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राजस्थान के इन दो गांव में नहीं पड़ा एक भी वोट, दो गांव में एक-एक वोट, एक गांव में दो वोट पड़े, जानें वजह

लोक सभा चुनाव के प्रथम चरण में शुक्रवार को हुए मतदान में क्षेत्र के गांव हमीनपुर,गाडोली गांव में मतदान का पूर्ण बहिष्कार किया गया। इन दोनों गांवों में एक भी वोट नहीं डाला गया। जबकि बनगोठड़ी व ठक्करवाला गांव में एक-एक जनों ने वोट डाला और गांव धीधवां बीचला में मात्र दो मतदाता ने मताधिकार का प्रयोग किया।

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boycott voting in four villages of pilani

पिलानी (झुंझुनूं)। लोक सभा चुनाव के प्रथम चरण में शुक्रवार को हुए मतदान में क्षेत्र के गांव हमीनपुर,गाडोली गांव में मतदान का पूर्ण बहिष्कार किया गया। इन दोनों गांवों में एक भी वोट नहीं डाला गया। जबकि बनगोठड़ी व ठक्करवाला गांव में एक-एक जनों ने वोट डाला और गांव धीधवां बीचला में मात्र दो मतदाता ने मताधिकार का प्रयोग किया। काजी गांव में बहिष्कार का मिला जुला असर रहा। यहां 1284 में से 137 लोगों ने मतदान किया।

धरी रह गई मतदान की तैयारियां

मतदान बहिष्कार के कारण उक्त गांवों में चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से की गई तैयारियां कोई काम नहीं आई तथा मतदान दल अपने अपने मतदान बूथों पर दिन भर मतदाताओं का इंतजार करते रहे।

समझाइश भी नहीं आई काम

मतदान बहिष्कार के मध्यनजर लोगों से समझाइश करने विधायक पितराम सिंह काला, जिला पुलिस अधीक्षक राज ऋषि राज पुलिस जाप्ते के साथ गांव हमीनपुर पहुंचे। लेकिन गांव के लोगों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। जिला निर्वाचन अधिकारी एंव जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल ने भी चुनाव से दो दिन पहले बैठक कर लोगों से मतदान प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की थी लेकिन कोई असर नहीं हुआ।

इसलिए किया बहिष्कार

लोगों का कहना है कि क्षेत्र में जल स्तर लगातार गिर रहा है। गांवों के लोग खास कर किसान पानी के अभाव में अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। इसी चिन्ता को लेकर गांव हमीनपुर तथा गाडोली के लोंगों ने पिछले दिनों एक बैठक कर क्षेत्र में यमुना नहर का पानी नहीं आने तक मतदान का बहिष्कार करने की घोषणा की थी। बाद में गांव बनगोड़ी बड़ी,काजी, धींधवा एवं ठक्करवाला के लोगों ने भी पानी की मांग को जायज ठहराते हुए चुनाव प्रक्रिया का बहिष्कार करने का निर्णय किया था।