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पिलानी के छात्र ने नौकरी छोड़कर बनाया ऐप, हर माह कमा रहा लाखों रुपए

प्रधानमंत्री की पहल से प्रभावित होकर पिलानी निवासी युवा इंजीनियर ने टनाटन ऐप बनाया है।

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Pilani resident engineer Praveen Verma created tnatan app

पिलानी। प्रधानमंत्री की पहल से प्रभावित होकर पिलानी निवासी युवा इंजीनियर ने टनाटन ऐप बनाया है। बहुत कम समय में इस एप ने लोगों की स्क्रीन पर अपनी जगह बनाई है। किसान के बेटे युवा इंजीनियर प्रवीण वर्मा का एप देशभर में धूम मचा रहा है। प्रवीण ने टिकटाॅक की तर्ज पर खुद का एप बनाया है, करीब छह माह में ही एप को देशभर में करीब 35 लाख लोगों ने डाउनलोड कर लिया। इसकी 4.3 रेटिंग चल रही है।

बढ़ती लोकप्रियता, कर रहे निवेश
ऐप को खास तौर से भारतीय जीवन शैली एवं युवाओं के मूड को ध्यान में रख कर बनाया गया है। यूजर्स को ऐप के फिल्टर्स क्रिएटर्स बहुत पसंद आ रहे हैं। वीडियो आदि लोड करने पर कम्पनी की ओर से पैसा भी मिलता है। कम समय में बढ़ती लोकप्रियता से कम्पनी में विदेशी लोग पैसा इन्वेस्ट कर हिस्से खरीदने में जुटे हैं। प्रवीण बताते है कि एेप के यूजर्स बढ़ने से कम्पनी अच्छा मुनाफा कमा रही है। ऐप की बढ़ती लोकप्रियता से प्रवीण की कम्पनी में विदेशी लोग निवेश कर रहे हैं। अभी हाल ही में दुबई निवासी कुछ लोगों ने कम्पनी में निवेश किया है।

सामाजिक सरोकर भी, शहीद परिवारों का कर रहे सहयोग
प्रवीण वर्मा बताते है कि ऐप से होने वाली आय का कुछ भाग सामाजिक सरोकारों में लगाया जा रहा है। सामाजिक सरोकारों के तहत कम्पनी के लाभ में से प्रत्येक महीने एक दिन की कमाई शहीद परिवारों तथा युवाओं को शिक्षा प्रदान करने में सहयोग के लिए खर्च की जाती हैं। किसान के बेटे प्रवीण वर्मा ने शिक्षा नगरी के बीकेबीआईईटी से बीटेक करने के बाद एक कम्पनी में नौकरी शुरु की। मगर लम्बी ड्यूटी के चलते मन नहीं लगा। घर आने के बाद प्रवीण ने अपने दोस्त नवीन, अजीत तथा समीर शर्मा के साथ मिलकर द् गुरुजी नामक एक ऐप मनाया। आर्थिक तंगी के चलते ऐप ज्यादा नहीं चल पाया। द गुरु जी से अनुभव मिला जो कुछ नया करने के इरादा किया।

लाखों का छोड़ा पैकेज
प्रवीण ने बताया कि वह अस्सी हजार से एक लाख रुपय हर माह कमा रहा है। प्रवीण ने बताया कि वह पहले गुरुग्राम में एक निजी कम्पनी में नौकरी करता था। उनका वार्षिक पैकेज 13 लाख रुपय था।