
झुंझुनूं। जिले में आयोजित माकपा के प्रदेश सम्मेलन सोमवार को हिस्सा लेने पोलित ब्यूरो के सदस्य और माकपा नेता प्रकाश करात पहुंचे। जहां उन्होंने राजस्थान सरकार पर निशाना साधते हुए उन्हें किसान और मजदूर विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में साम्प्रदायिक ताकते बढ़ रही हैं। आम जनता, किसान और मजदूरों का शोषण हो रहा है। इस शोषण के विरोध में राजस्थान सरकार के खिलाफ जनवादी आन्दोलन किया जाएगा। साथ ही इस आन्दोलन में सभी सामाजिक संगठनों का सहयोग लिया जाएगा।
किसान आंदोलन को सही दिशा बढ़ाया जाएगा-
प्रदेश सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे प्रकाश करात ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि राजस्थान में सबसे ज्यादा साम्प्रदायिकता और तनाव की स्थिति है। गोरक्षा के नाम पर हत्याएं की जा रही है। वहीं प्रदेश में हो रही ये घटनाएं देश भर में चौंकाने वाली घटनाएं है। यहां पर कर्जा माफी, पानी और बिजली पर किसानों की ओर से पिछले दिनों व्यापक आन्दोलन किया गया। अब इसी आन्दोलन को आगे बढ़ाने के लिए उचित कदम उठाया जाएगा।
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करात ने विदेश नीति पर कहा कि हम अमरीका के जूनियर पार्टनर बन गए हैं। हमें हमारी स्वतंत्र विदेश नीति तैयार करने की जरुरत है। गुजरात चुनाव के नतीजों पर उन्होंने कहा कि अगर वहां कांग्रेस की सीटें बढ़ी है तो उसके पीछे भी जन संघर्ष ही रहा है। जिन संगठनों ने भी विभिन्न मुद्दों को लेकर संघर्ष किया वे सब कांग्रेस के साथ आ गए और उसी का परिणाम रहा कि कांग्रेस को इतनी सीटें मिली।
भाजपा की शुरु हो चुकी है उल्टी गिनती-
इस दौरान उन्होंने भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि देश में कई राज्यों में भाजपा सरकार बनाने में सफल रही है लेकिन अब भाजपा की उल्टी गिनती का समय भी शुरू हो चुका है। गुजरात के चुनाव परिणाम इस बात का संकेत है कि जनता में अब भाजपा के प्रति आक्रोश पनप रहा है। देश का किसान और मजदूर इस बात को अब समझ गया है कि यह पूंजीपतियों की पार्टी है और उनके फायदे के लिए ही नीतियां तैयार की जा रही है।
काला कानून से भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का प्रयास-अमराराम
सम्मेलन में लोगों को संबोधित करते हुए किसान नेता अमराराम ने कहा है कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने काला कानून लाकर भ्रष्ट अधिकारियों और नेताओं को संरक्षण देने का प्रयास किया है। अब इस बात को जनता भी समझ चुकी है। सरकार ने किसानों के साथ लूट मचा रखी है। किसानों को उसकी उपज का पूरा मूल्य नहीं मिल रहा है। पशुपालक से सरकार की डेरियां 17 रुपए लीटर में दूध खरीद कर उपभोक्ता को 37 रुपए से 40 रुपए लीटर बेच रही है। किसानों से खाद्यानों को पचास से पचपन रुपए में खरीदा जा रहा, जबकि उपभोक्ता को दाल 150 से 200 रुपए में मिल रही है।
सम्मेलन में दूसरे दिन हुआ मंथन-
मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी का राजस्थान प्रदेश सम्मेलन में सोमवार को प्रदेश भर के नेताओं ने देश में मजदूर और किसानों के मिलने वाले हक पर चर्चा की। किसानों को उनकी उपज का पूरा लाभ मिले इसके लिए गहन मंथन किया गया। इसके अलावा सम्मेलन में राजस्थान एवं अखिल भारतीय स्तर पर जो राजनीतिक परिस्थितियां है उस पर मंथन किया गया। राजस्थान में पार्टी एवं वामपंथी जनवादी आन्दोलन की रूपरेखा पर चर्चा की गई है। इस सम्मेलन में सरकार के कामकाज और प्रदेश की स्थिति के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गई। बता दें कि पार्टी द्वारा आयोजित इस प्रदेश सम्मेलन का समापन मंगलवार को होगा।
Published on:
25 Dec 2017 08:08 pm
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