
झुंझुनूं/पचलंगी/पत्रिका। Rajasthan Politics : बर्खास्त मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा की ऊंट गाड़ी यात्रा में उनके बेटे शिवम गुढ़ा भी साथ-साथ चल रहे हैं। शिवम इस वर्ष 18 साल के हुए हैं गुढ़ा के पदचिन्हों पर चल रहे हैं। यात्रा के दौरान शिवम ने भी पत्रिका से बातचीत में लाल डायरी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पापा से इस बारे में सुना है।
- लाल डायरी के बारे में आपका क्या कहना है?
गहलोत सरकार जब होटलों में पड़ी थी, तब मुख्यमंत्री ने मेरे पापा को यह कहा था कि अब हमारी लाइफ लाइन तूं ही है। धर्मेंद्र राठौड़ के मकान से वह लाल डायरी लेकर आओ। मेरे पापा 9वीं मंजिल से ईडी की रेड के बीच वह डायरी लेकर आए। हम डेढ़ साल धर्मेंद्र राठौड़ के मकान में रह कर आए थे।
- आपके पापा के साथ जो हुआ, उस पर क्या कहेंगे?
महिलाओं के साथ हो रहे दुष्कर्म व अत्याचार का मुद्दा उठाना यदि गलत है तो मेरे पापा गलत है। यदि यह सही है कि हम महिलाओं के आत्म सम्मान की रक्षा के लिए विधानसभा में बैठे हैं, तो मेरे पापा सही है।
- शांति धारीवाल लाल डायरी को काल्पनिक बता रहे हैं?
शांति धारीवाल के पोते ने मेरे फेसबुक इंस्टाग्राम आईडी पर मैसेज में लिखा कि वह लाल डायरी काल्पनिक है। मैंने उसके जवाब में लिखा कि यदि ऐसा है तो विधानसभा में सार्वजनिक क्यों नहीं करने दिया। कुछ नहीं है तो मीडिया के सामने सार्वजनिक करो।
-मुख्यमंत्री गहलोत ने आपके जन्मदिन पर गुढ़ा की प्रशंसा की थी?
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तब मेरे को आशीर्वाद दिया। मेरे पापा की भूरी भूरी प्रशंसा करके गए थे। उन्होंने कहा था कि कि आज मैं मुख्यमंत्री हूं वह राजेंद्र गुढ़ा की ही देन है। अब उनका स्वार्थ पूरा हो गया तो पापा को धक्का देकर निकाल दिया गया।
-क्या आप राजनीति में आने की तैयारी कर रहे हैं?
जनता की सेवा करना ही लक्ष्य है। अभी में 18 वर्ष का हूं, पढ़ाई कर रहा हूं। राजनीति में आने का बहुत समय है। मेरे पापा राजेंद्र गुढ़ा भी जनता की सेवा करके ही इस मुकाम पर पहुंचे थे। उनके पदचिन्हों पर ही चल रहा हूं।
Published on:
27 Jul 2023 12:19 pm
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