
गुढागौड़जी (झुंझुनूं)। सीथल गांव में मंगलवार को फूड पॉइजनिंग से दो सगी बहनों की मौत का मामला सामने आया है। दोनों के माता-पिता और एक बहन का झुंझुनूं के अस्पताल में इलाज चल रहा है। चिकित्सा विभाग ने फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं किया है। विभाग के अनुसार रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
जानकारी के अनुसार सीथल निवासी बुटीराम मेघवाल की आठ साल की बेटी तनिष्का, छह साल की बेटी लक्ष्या, ग्यारह वर्षीय बेटी तनुजा और पत्नी अनिता सहित सभी ने दो दिन पहले बनाई गई दाल खाई थी। इससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन ने उन्हें झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल लेकर आए। यहां तनिष्का और लक्ष्या को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बच्चियों के माता-पिता व एक बहन का इलाज चल रहा है।
दो दिन पहले बनी थी दाल-रोटी, तीन टाइम खाई
गुढागौड़जी थाने के एएसआई सुरेश मीणा ने बताया कि बीडीके अस्पताल में भर्ती बुटीराम ने पर्चा बयान में बताया है कि दो रोज पहले घर में दाल बनी थीं। उसे सुबह-शाम और फिर दूसरे दिन सुबह खाई। उसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। गांव से दवा भी ली लेकिन आराम नहीं मिला। शाम को पूरे परिवार ने खाना नहीं खाया। बुटीराम को हल्की बुखार थीं। पत्नी अनिता, बेटी तनिष्का, लक्ष्या और तनुजा के उल्टी-दस्त होने लग गए। सुबह उठे तो दोनों बेटियों की मौत हो चुकी थी।
टीम ने लिए नमूने
सूचना पर राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह गुढा, उदयपुरवाटी एसडीएम रामसिंह राजावत, सीएमएचओ डॉ. राजकुमार डांगी, तहसीलदार महिपाल सिंह राजावत, बीसीएमएचओ मुकेश भूपेश, नायब तहसीदार ओमप्रकाश आदि ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। वहीं चिकित्सा विभाग की टीम ने मृतक व मरीजों के घर पहुंचकर वहां पड़ी दाल, तरबूज सहित अन्य खाद्य सामग्री के नमूने लिए। उधर सीकर से आई एफएसएल टीम के इंचार्ज विजयभान सांखला ने बताया कि मौके से कुछ सैम्पल लिए गए हैं। मकान के अंदर उल्टियां हुई पड़ी थी। दाल भी पड़ी थी, चाय मिली। सभी के सैम्पल जुटाए गए हैं।
इनका कहना है
मरीज के बयान के अनुसार तो दो दिन पुरानी दाल खाने से तबीयत बिगड़ी है। हालांकि नमूनों की जांच रिपोर्ट व एफएसएल रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा।
-डॉ.कमलेश झाझडि़या, पीएमओ, बीडीके अस्पताल झुंझुनूं
Published on:
09 May 2023 06:48 pm
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