
management course, business tips in hindi, career tips in hindi, jobs in india, jobs in hindi, success mantra, success tips in hindi
हाल ही में वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट को खरीदा है। इससे पहले फेसबुक ने वॉट्सएप और इंस्टाग्राम को खरीदा था। अगर आप खुद की कंपनी चलाते हैं तो लाखों डॉलर के हुए इन सौदों को देखकर आपके मन में भी कहीं न कहीं यह विचार आता होगा कि आपकी कंपनी की नेट वर्थ क्या है? लेकिन आपको अपनी कंपनी की नेट वर्थ के बारे में चिंता करने के बजाय दूसरी चीजों की परवाह करनी चाहिए। जानें, कौनसी हैं वह चीजें -
कस्टमर मेरा प्रॉडक्ट चाहते हैं?
किसी भी कंपनी के फाउंडर को, खासकर बिजनेस की शुरुआत में निवेशकों के साथ मीटिंग्स और कॉन्फ्रेंस में जाने से बचना चाहिए और उसे उन लोगों से मिलना चाहिए, जो उसके लिए सबसे ज्यादा अहमियत रखते हैं, यानी उसके कस्टमर्स। उसे उन कस्टमर्स से बात कर यह जानना चाहिए कि उन्हें प्रॉडक्ट कैसा लगा और क्या वह उसके लिए अपना पैसा खर्च करना पसंद करेंगे। इससे आपको अपने रेवेन्यू के बारे में पता लगेगा और आप अपने कस्टमर्स की पसंद को जान सकेंगे।
कीमत आंकना जरूरी नहीं
हर थोड़े समय में कंपनी की कीमत आंकते रहना एक बुलबुले के समान है, जिसे छेद करके फोडऩा आपके लिए जरूरी है। जब आप वैल्युएशन की परवाह करना बंद कर देते हैं तो आप अपने आप उन चीजों को मापना शुरू कर देते हैं, जो आपको वाकई प्रभावित करती हैं। आपको अपने रेवेन्यू, मार्जिन्स, यूनिट सेल्स, एचआर कॉस्ट, कस्टमर सर्विस इंक्वायरी का रेस्पॉन्ड आदि के बारे में जानना चाहिए। हर समय कंपनी की कीमत आंकते रहने से आप जरूरी चीजों पर ध्यान नहीं देते।
ध्रुव तारा बनने की कोशिश करें
आपने ध्रुव तारे यानी नॉर्थ स्टार को देखा होगा, जो कैसी भी परिस्थिति हो, अपनी जगह स्थिर रहता है। उसी तरह आप कैसी भी परिस्थिति में हर रोज अपने आपको मोटिवेट करते रहें। धीरे-धीरे आप अपनी शर्तों पर काम करने की स्थिति में आ जाएंगे और उसके बाद आपका बिजनेस सफल होता जाएगा।
Published on:
04 Jun 2018 10:01 am
बड़ी खबरें
View Allजॉब्स
शिक्षा
ट्रेंडिंग
