
Barmer
वर्ष 2001 से 2011 के बीच में बाड़मेर जिले की आबादी 32.52 प्रतिशत बढ़कर 26 लाख 3751 हो गई जो प्रदेश में सर्वाधिक थी। इस गति से बढ़ी आबादी पर राज्य और केन्द्र सरकार ने जिले को प्रदेश में सर्वाधिक संवेदनशील मानते हुए यहां आबादी नियंत्रण के प्रयासों को और पुख्ता करने के निर्देश दिए लेकिन यहां हालात विपरीत हैं।
आबादी नियंत्रण के लिए इस वर्ष 20 हजार 758 नसबंदी का लक्ष्य है लेकिन अभी तक महज 9 प्रतिशत यानि 2067 नसबंदी ही हुई हैं। नसबंदी करने को यहां पूरे चिकित्सक ही नहीं हैं। अब शेष चार माह में 18 हजार नसबंदी करनी है लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में तो यह संभव नहीं है।
चिकित्सक ही नहीं
बाड़मेर जिला मुख्यालय पर दो शल्य चिकित्सक हैं। बालोतरा व समदड़ी में एक-एक चिकित्सक नियुक्त हैं। इन चिकित्सकों को टीम में भेजते ही मुख्यालय पर नसबंदी व अन्य कार्य प्रभावित हो जाते हंै। गांवों में शिविर में इनको भेजा नहीं जाए तो लक्ष्य पूरे नहीं हो रहे हैं।
विभाग अभी भी पुराने ढर्रे पर
विभाग नसबंदी को लेकर अभी भी पुराने ढर्रे पर है। नसबंदी के लक्ष्य के लिए सॢदयों का इंतजार किया जाता है। सर्दियां शुरू होने पर एक साथ शिविर आयोजित कर चार माह में पांच से आठ हजार नसबंदी की जाती है जिससे लक्ष्य पूरा नहीं पाता। सालभर में शेष नसबंदी एेसे पढ़े लिखे लोग ही करवा रहे हंै जो प्रसव के साथ ही नसबंदी को भी अपना रहे हैं।
जिला जनसंख्या दशकीय वृद्धि
जयपुर 6626178 26.19, जोधपुर 3687165 27.74, अलवर 3674179 22.78, नागौर 3307743 19.2, उदयपुर 3068420 23.69, सीकर 2677333 17.03, बाड़मेर 2603751 32.52
पर्याप्त नहीं है चिकित्सक
जिले में शल्य चिकित्सक पर्याप्त नहीं है। फिर भी टीम बना नसबंदी के लक्ष्य हासिल करेंगे। अभी सर्दियों में सर्वाधिक नसबंदी के ऑपरेशन किए जाएंगे।- डा. सुनिलकुमारसिंह बिष्ट, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
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