9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

पुरानी पार्किंग खत्म, नई व्यवस्था नहीं, नए साल जैसा जाम दोहराने की आशंका

मकर संक्रांति पर कुण्डेश्वर में लगेगा मेला, लेकिन पार्किंग बनी बड़ी चुनौती

2 min read
Google source verification
मकर संक्रांति पर कुण्डेश्वर में लगेगा मेला, लेकिन पार्किंग बनी बड़ी चुनौती

मकर संक्रांति पर कुण्डेश्वर में लगेगा मेला, लेकिन पार्किंग बनी बड़ी चुनौती

टीकमगढ़ मकर संक्रांति के अवसर पर कुण्डेश्वर धाम मंदिर मैदान में हर वर्ष की तरह इस बार भी मेला आयोजित किया जाएगा, लेकिन मेला शुरू होने से पहले ही वाहनों की पार्किंग व्यवस्था एक बड़ी समस्या बनकर सामने आ रही है। यदि समय रहते मंदिर प्रबंधन और प्रशासन ने उचित पार्किंग व्यवस्था नहीं की, तो नए साल के अवसर पर लगे घंटों के जाम जैसी स्थिति दोबारा बन सकती है।

कुण्डेश्वर धाम मंदिर के आसपास उपलब्ध मैदान में मेले की दुकानें लगाई जाती है और श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए रास्ता भी यहीं से गुजरता है, लेकिन पार्किंग के लिए कोई समुचित स्थान उपलब्ध नहीं है। पूर्व में मकर संक्रांति मेले के दौरान सरदार सिंह पार्क, महर्षि स्कूल मैदान और डाइट स्कूल मैदान में पार्किंग की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन अब ये सभी स्थल पार्किंग के लिए बंद हो चुके है।

अतिक्रमण की चपेट में मेला मैदान

बताया गया कि मंदिर के पास उपलब्ध मैदान का लगभग आधा हिस्सा स्थाई दुकानों के अतिक्रमण में चला गया है। शेष बचे हिस्से में ग्रामीण क्षेत्रों और बाहर से आने वाले दुकानदारों को जगह दी जाएगी। जिससे वाहनों के खड़े होने के लिए स्थान नहीं बचता। वहीं जमडार नदी की ओर स्थित खाली मैदान असमतल होने के कारण वहां वाहनों की आवाजाही संभव नहीं हो पा रही है। यदि मकर संक्रांति से पहले इस मैदान को समतल कर दिया जाए, तो कुछ हद तक समस्या का समाधान हो सकता है, लेकिन फिलहाल जिम्मेदारों का इस ओर ध्यान नहीं है।

तीन द्वार लेकिन पार्किंग की कोई ठोस योजना नहीं

मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए तीन द्वार बने हुए है। पहला द्वार स्वयं भू भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जमडार घाट की ओर जाता है। दूसरा द्वार दुकानों, मंच और धर्मशालाओं की ओर खुलता है। तीसरा द्वार जमडार नदी और जंगल की ओर जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि तीसरे द्वार के सामने जमडार नदी पुल से पहले की जमीन को समतल कर पार्किंग स्थल बनाया जा सकता है। पहले मकर संक्रांति मेले के दौरान यहां बड़ी संख्या में वाहनों की पार्किंग होती थी।

ये बन सकते है संभावित पार्किंग स्थल

स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर के पास, पहाड़ी तिलवारन रोड का खेल मैदान, महरौनी रोड स्थित बनारसी दास बाग, तीसरे द्वार के भीतर का क्षेत्र पार्किंग के लिए उपयोग में लाए जा सकते है। हालांकि ये स्थल मंदिर के नजदीक होने के कारण यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर सकते है।

10 एकड़ का मंदिर मैदान अतिक्रमण की चपेट में

कुण्डेश्वर धाम मंदिर का मैदान करीब 10 एकड़ क्षेत्रफ ल में फैला हुआ है, लेकिन दुकानों और अन्य निर्माणों के कारण यह मैदान अतिक्रमण की चपेट में आ चुका है। इसके चलते मेले और पार्किंग के लिए उपलब्ध क्षेत्र लगातार सिमटता जा रहा है।

मकर संक्रांति को लेकर जल्द ही प्रशासन और मंदिर समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में मेला व्यवस्थाओं के साथ पार्किंग स्थलों को लेकर भी निर्णय लिया जाएगा।

अभिषेक पस्तौर, अध्यक्ष मंदिर ट्रस्ट कुण्डेश्वर।