UPSC Success Story: श्रुतंजय कृष्ण मूर्ति नारायणन ने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलने के बजाय आईएएस अधिकारी बनने का सपना देखा। अपने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए श्रुतंजय ने दिन रात मेहनत की।
UPSC Success Story: राजनीति और शोबीज की दुनिया में एक अलग ही आकर्षण है, खासकर जब आप ऐसी दुनिया के पार्ट होते हैं तो इससे बच पाना मुश्किल है। शायद यही कारण है कि राजनेता और अभिनेता के बच्चे अक्सर अपने माता-पिता के पद चिन्हों पर चलकर वही करियर चुनते हैं, जिसमें सालों से उनके माता-पिता होते हैं। लेकिन इससे अलग कुछ फिल्मी सितारों ने अपनी अलग राह चुनी और पहचान बनाई है।
आज हम बात कर रहे हैं तमिल फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार चिन्नी जयंत (Chinni Jayanth) के बेटे आईएएस श्रुतंजय कृष्ण मूर्ति नारायणन (IAS Shrutanjaya Narayanan) की। श्रुतंजय कृष्ण मूर्ति नारायणन ने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलने के बजाय आईएएस अधिकारी बनने का सपना देखा। अपने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए श्रुतंजय ने दिन रात मेहनत की।
श्रुतंजय नारायणन बचपन से ही पढ़ाई में तेज थे। उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज, गुइंडी से ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद मशहूर अशोक विश्वविद्यालय से मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की। श्रुतंजय ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद एक स्टार्ट-अप कंपनी में काम करना शुरू कर दिया। इस दौरान वो 4-5 घंटे की पढ़ाई करते थे।
आईएएस श्रुतंजय (IAS Shrutanjaya Narayanan) ने जब पहली बार यूपीएससी (UPSC Success Story) की परीक्षा दी थी तो वो असफल हो गए थे। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और फिर से प्रयास किया। दूसरे प्रयास में यानी कि वर्ष 2015 में उन्होंने ऑल ओवर इंडिया में 75वें रैंक के साथ यूपीएससी क्रैक कर लिया। वो हर दिन 10-15 घंटे की पढ़ाई करते थे। वर्तमान में श्रुतंजय एडिशनल कलेक्टर के रूप में तमिलनाडु में अपनी सेवा दे रहे हैं।
कहा जाता है कि श्रुतंजय कृष्ण मूर्ति नारायणन (IAS Shrutanjaya Narayanan) में अपने पिता के गुण भी हैं। वे अपने स्कूल और कॉलेज के दिनों में नाटक में भाग लिया करते थे। हालांकि, वे इसे करियर के तौर पर अपना नहीं पाए और उन्होंने देश सेवा को चुना। उन्होंने IAS अधिकारी बनने से पहले कभी भी फिल्मों की दुनिया में कदम नहीं रखा।
चिन्नी जयंत (Chinni Jayanth) का असली नाम कृष्ण मूर्ति नारायणन है। चिन्नी, 80 के दशक के साउथ फिल्मों के मशहूर सितारों में से एक हैं। उन्होंने रजनीकांत की फिल्मों में कॉमेडी के लिए अपनी पहचान बनाई थी। वह एक निर्देशक और निर्माता भी हैं।