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मर्ज हुई 16 हजार स्कूलें, सरकारी आदेश बाद भी खुल पाई सिर्फ 540

    - भाजपा सरकार के आदेश को कांग्रेस सरकार ने पलटा - अधिकांश गांवों से नहीं आ रहे फिर से स्कूल खोलने के प्रस्ताव
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जोधपुर.
प्रदेश में भाजपा सरकार ने 4 साल में 16 हजार स्कूलें मर्ज होने के बाद बंद कर दी गई। कांग्रेस ने आते ही मर्ज हुई स्कूलों को फिर से खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी। लेकिन दो साल बाद भी महज 4 प्रतिशत यानि 540 स्कूलें ही फिर से खुल पाई हैं। अधिकांश गांवों से स्कूलों को फिर से खोलने के प्रस्ताव ही नहीं मिले हैं।

तत्कालीन भाजपा सरकार के राज में 2014 से 2018 तक 16 हजार स्कूल मर्ज किए थे। वर्तमान कांग्रेस सरकार के एकीकरण से मुक्त करने के आदेशों की शिक्षा विभाग पालना नहीं करवा पा रहा है। अभी तक साढ़े 15 हजार स्कूल एकीकरण से मुक्त होना शेष है। साल 2019 में तो सीकर व जोधपुर में ही एक-एक स्कूल वापस खुल पाए थे।

इस प्रकार हुए था एकीकरण
जिला --- मर्ज हुए स्कूलों की संख्या

जयपुर --- 1032

नागौर --- 909

सीकर ---- 806

अलवर --- 769

भरतपुर ---- 685

भीलवाड़ा --- 673

झुंझनूं --- 653

उदयपुर ---- 623

पाली -- 622

जोधपुर -- 595

अजमेर -- 553

चूरू --- 524

चितौडगढ़़ -- 436

कोटा --- 304

बीकानेर -- 448

जैसलमेर -- 190

---

फिर पूछ रहे समन्वय का कारण
शिक्षा विभाग अब पुन: इन दिनों स्कूलों के समन्वय का कारण जान रहा है। जिसमें समस्त शिक्षा विभाग कार्यालय को शून्य नामांकन, न्यून नामांकन, समीपस्थ विद्यालय का होना, स्कूल की आवश्यकता नहीं, आवागमन कठिनाई जैसे कॉलम दिए गए हैं। ये जानकारी समस्त जिलों को अपने विभाग के उच्चाधिकारियों तक पहुंचानी है। जबकि विभाग ने ये कारण पहले भी पूछा था, शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी कार्य में ढिलाई बरत रहे हैं।

प्रदेश में समन्वयक से मुक्त स्कूल
वर्ष 2019- 2

वर्ष 2020- 520
वर्ष 2021-18

इनका कहना है...
जहां से मांग आई है उन जगहों से स्कूलों को एकीकरण से मुक्त किया गया है। कई जगहों पर सी.सै. स्कूल में प्रिंसिपल के अधीन कक्षाएं आने से अध्ययन अच्छा हो रहा है। इस कारण वहां से मांग नहीं आई।

- डॉ. भल्लूराम, डीईओ माशि मुख्यालय