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महिला लिपिक के 16 वर्षीय भाई को भी लगा दिया वैक्सीन

- जोधपुर में कोरोना टीकाकरण में सामने आई बड़ी गड़बड़ी
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 महिला लिपिक के 16 वर्षीय भाई को भी लगा दिया वैक्सीन

महिला लिपिक के 16 वर्षीय भाई को भी लगा दिया वैक्सीन

जोधपुर. केंद्र सरकार की गाइड लाइन में कोविड वैक्सीनेशन वयस्कों और पहले हैल्थ वर्कर्स में ही करने के निर्देश हों, लेकिन जोधपुर में एक अवयस्क को भी टीका लगा दिया गया। वैक्सीनेशन का यह 16 वर्षीय लाभार्थी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दफ्तर की एक महिला लिपिक का भाई है। वैक्सीनेशन के रिकार्ड में भी उम्र सोलह साल ही दर्शाई गई है। ऐसे में शुरुआत में ही टीकाकरण की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।

जोधपुर में भी गत 16 जनवरी को टीकाकरण शुरू हुआ था। उस दिन कोविन सर्वर में तकनीकी खामी के चलते मैन्युअली ही टीकाकरण किया गया। इसका फायदा उठाते हुए महिला लिपिक ने अपने साथ अपने भाई को भी कोविड का टीका लगवा दिया। टीका शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेजिडेंसी में लगाया गया। स्वास्थ्य केंद्र के टीकाकरण रिकॉर्ड में भी लाभार्थी की जन्मतिथि ९ फरवरी २००४ अंकित है। फिर भी टीकाकरण से पहले न सिर्फ जांच की गई और न ही किसी जिम्मेदार ने गैर चिकित्साकर्मी के टीका लगने पर सवाल उठाया। जबकि गाइडलाइन में अवयस्क को टीका लगाने की मनाही है।

पत्रिका संवाददाता ने रिकार्ड में दर्ज नम्बर पर फोन लगाकर किशोर से बात की तो उसने भी १६ जनवरी को टीका लगाए जाने की बात स्वीकार की। पत्रिका के पास मौजूद दस्तावेज में लाभार्थी किशोर का नाम क्रमांक ८२ पर जन्मतिथि व आईडी के साथ पहचान के लिए पैनकार्ड के इस्तेमाल का उल्लेख है।

एलडीसी ने काट दिया फोन
गाइडलाइन के विपरित भाई को वैक्सीन लगवाने वाली महिला लिपिक से भी पत्रिका संवाददाता ने बात की। टीकाकरण के बाद स्वास्थ्य के बारे में पूछे जाने तक तो उसने सही जवाब दिए, लेकिन जैसे ही भाई को टीका लगाने का सवाल किया तो उसने फोन किसी और को पकड़ा दिया और उसने कोई टीका नहीं लगा... कोई टीका नहीं लगा... कहते हुए फोन काट दिया।
सीएमएचओ बोले, जांच करवाएंगे

सीएमएचओ डॉ. बलवंत मंडा का कहना है कि मामला उनके ध्यान में आया है। इस मामले की जांच के बाद ही कुछ कह पाएंगे। वैसे पहले दिन ऑनलाइन टीकाकरण नहीं होने के कारण ऐसा हो सकता है, मगर मामले की तह में जाकर उचित कार्रवाई की जाएगी।